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हिंदी सम्पूर्ण व्याकरण | Hindi Grammar Book PDF | प्रतियोगी परीक्षा हेतु संपूर्ण हिंदी व्याकरण

EduVista India जनवरी 23, 2026 (अंतिम अद्यतन: जनवरी 29, 2026) 2 मिनट पढ़े
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हिंदी सम्पूर्ण व्याकरण (Complete Hindi Grammar)

हिंदी सम्पूर्ण व्याकरण पुस्तक – वर्णमाला से लेकर समास, संधि, कारक, काल, वाच्य, अलंकार तक। CTET, TET, UPSC, SSC, Railway, Banking व सभी प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु उपयोगी हिंदी व्याकरण।

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📚 पुस्तक की रूपरेखा

भाग – 1 : हिंदी भाषा एवं व्याकरण का परिचय

  1. भाषा की परिभाषा एवं प्रकार
  2. हिंदी भाषा का विकास
  3. व्याकरण की परिभाषा एवं महत्व

भाग – 2 : वर्ण विचार

  1. वर्णमाला
  2. स्वर – भेद एवं प्रयोग
  3. व्यंजन – वर्गीकरण
  4. मात्राएँ
  5. उच्चारण स्थान

भाग – 3 : शब्द विचार

  1. शब्द की परिभाषा
  2. शब्द के भेद
  3. तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द
  4. पर्यायवाची शब्द
  5. विलोम शब्द
  6. अनेकार्थी शब्द

भाग – 4 : संधि

  1. संधि की परिभाषा
  2. स्वर संधि
  3. व्यंजन संधि
  4. विसर्ग संधि

भाग – 5 : समास

  1. समास की परिभाषा
  2. अव्ययीभाव समास
  3. तत्पुरुष समास
  4. द्वंद्व समास
  5. बहुव्रीहि समास

भाग – 6 : वाक्य विचार

  1. वाक्य की परिभाषा
  2. वाक्य के भेद
  3. वाच्य
  4. काल
  5. कारक

भाग – 7 : अलंकार एवं रस

  1. अलंकार
  2. रस

✍️ PART–1 : हिंदी व्याकरण का परिचय

1. भाषा की परिभाषा

भाषा वह माध्यम है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचारों, भावों और अनुभूतियों को दूसरों तक पहुँचाता है।

भाषा के प्रकार

  1. मौखिक भाषा
  2. लिखित भाषा
  3. सांकेतिक भाषा

2. हिंदी भाषा का विकास

हिंदी भाषा का विकास संस्कृत से हुआ है। अपभ्रंश, प्राकृत होते हुए आधुनिक हिंदी का स्वरूप विकसित हुआ।


3. व्याकरण की परिभाषा

व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा को शुद्ध, स्पष्ट और प्रभावी बनाने के नियम बताता है।

व्याकरण का महत्व

  • भाषा को शुद्ध बनाता है
  • लेखन एवं बोलने की क्षमता बढ़ाता है
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायक

✍️ PART–2 : वर्ण विचार (Pages 21–70)

4. वर्ण की परिभाषा

वर्ण भाषा की सबसे छोटी ध्वन्यात्मक इकाई है। जिन ध्वनियों के और टुकड़े नहीं किए जा सकते, उन्हें वर्ण कहते हैं।


5. वर्णमाला

भाषा के सभी वर्णों के क्रमबद्ध समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिंदी वर्णमाला मुख्यतः दो भागों में विभाजित है—

  1. स्वर
  2. व्यंजन

6. स्वर

स्वर वे ध्वनियाँ हैं जिनका उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता से होता है।

6.1 स्वर की संख्या

हिंदी में सामान्यतः 13 स्वर माने जाते हैं—
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः

6.2 स्वर के भेद

  1. ह्रस्व स्वर – अ, इ, उ, ऋ
  2. दीर्घ स्वर – आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

6.3 अनुस्वार और विसर्ग

  • अनुस्वार (ं) : स्वर के साथ नासिक्य ध्वनि
  • विसर्ग (ः) : स्वर के बाद हल्की ‘ह’ की ध्वनि

7. व्यंजन

जिन वर्णों का उच्चारण स्वर की सहायता से होता है, उन्हें व्यंजन कहते हैं।

7.1 व्यंजनों की संख्या

हिंदी में 33 व्यंजन माने जाते हैं।

7.2 व्यंजनों का वर्गीकरण

(क) स्पर्श व्यंजन

क, ख, ग, घ, ङ
च, छ, ज, झ, ञ
ट, ठ, ड, ढ, ण
त, थ, द, ध, न
प, फ, ब, भ, म

(ख) अंतःस्थ व्यंजन

य, र, ल, व

(ग) ऊष्म व्यंजन

श, ष, स, ह


8. संयुक्त व्यंजन

जब दो या दो से अधिक व्यंजन मिलकर एक नई ध्वनि बनाते हैं, तो उन्हें संयुक्त व्यंजन कहते हैं।

प्रमुख संयुक्त व्यंजन

क्ष, त्र, ज्ञ

उदाहरण:

  • क्षमा
  • त्रिकोण
  • ज्ञान

9. मात्राएँ

स्वरों के संक्षिप्त रूप को मात्रा कहते हैं, जो व्यंजनों के साथ लगती हैं।

स्वरमात्राउदाहरण
आाराम
इिदिन
ईीसीता
उुगुरु
ऊूफूल
ऋृकृपा
एेदेव
ऐैनैना
ओोमोहन
औौकौआ

10. उच्चारण स्थान

ध्वनियों के उच्चारण के आधार पर वर्णों का वर्गीकरण किया जाता है।

  1. कंठ्य – क, ख, ग, घ, ह
  2. तालव्य – च, छ, ज, झ, य
  3. मूर्धन्य – ट, ठ, ड, ढ, ण, र
  4. दंत्य – त, थ, द, ध, न, ल, स
  5. ओष्ठ्य – प, फ, ब, भ, म

11. नासिक्य एवं अनुनासिक

  • नासिक्य व्यंजन : ङ, ञ, ण, न, म
  • अनुनासिक स्वर : चाँद, माँ, साँप

12. वर्ण विचार का महत्व

  • शुद्ध उच्चारण में सहायक
  • सही वर्तनी ज्ञान
  • भाषा की स्पष्टता
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी

📘 परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • हिंदी में कुल वर्ण – 46
  • स्वर – 13
  • व्यंजन – 33

✍️ PART–3 : शब्द विचार (Pages 71–140)

13. शब्द की परिभाषा

अर्थपूर्ण ध्वनियों के समूह को शब्द कहते हैं। शब्द भाषा की वह इकाई है जिसके माध्यम से भाव, विचार और अर्थ की अभिव्यक्ति होती है।

उदाहरण: पुस्तक, ज्ञान, विद्यार्थी, सुंदर


14. शब्द के भेद (Word Classification)

14.1 उत्पत्ति के आधार पर शब्द के भेद

(क) तत्सम शब्द

जो शब्द संस्कृत से बिना परिवर्तन के हिंदी में आए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।

उदाहरण: अग्नि, सूर्य, जल, विद्या, राष्ट्र

(ख) तद्भव शब्द

जो शब्द संस्कृत से परिवर्तित होकर हिंदी में प्रचलित हुए, वे तद्भव शब्द कहलाते हैं।

उदाहरण: अग्नि → आग, सूर्य → सूरज, जल → पानी, दुग्ध → दूध

(ग) देशज शब्द

जो शब्द किसी विशेष क्षेत्र या लोकभाषा से हिंदी में आए हैं, उन्हें देशज शब्द कहते हैं।

उदाहरण: लोटा, खटिया, झोपड़ी, पगड़ी

(घ) विदेशी शब्द

जो शब्द अन्य भाषाओं (अरबी, फारसी, अंग्रेज़ी आदि) से हिंदी में आए हैं, वे विदेशी शब्द कहलाते हैं।

उदाहरण:

  • अरबी/फारसी: किताब, कलम, तारीख
  • अंग्रेज़ी: स्कूल, पेन, ट्रेन

14.2 रचना के आधार पर शब्द के भेद

  1. मूल शब्द – जो किसी अन्य शब्द से नहीं बने हों
    उदाहरण: घर, जल, वन
  2. यौगिक शब्द – दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने शब्द
    उदाहरण: विद्यालय, राजमहल
  3. योगरूढ़ शब्द – जिनका सामान्य अर्थ से भिन्न विशेष अर्थ हो
    उदाहरण: पंकज (कमल), दशानन (रावण)

15. संज्ञा (Noun)

जिस शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण या भाव का बोध हो, उसे संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा के भेद

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा – राम, दिल्ली, गंगा
  2. जातिवाचक संज्ञा – लड़का, शहर, नदी
  3. भाववाचक संज्ञा – सुंदरता, बचपन, मित्रता
  4. द्रव्यवाचक संज्ञा – सोना, पानी, दूध

16. सर्वनाम (Pronoun)

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण: मैं, तुम, वह, यह, कौन


17. विशेषण (Adjective)

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।

उदाहरण: अच्छा लड़का, मीठा फल, पाँच पुस्तकें


18. क्रिया (Verb)

जिस शब्द से कार्य के होने या करने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं।

उदाहरण: जाना, पढ़ना, लिखना, खेलना


19. पर्यायवाची शब्द

जिस शब्द के समान अर्थ वाले अनेक शब्द हों, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं।

शब्दपर्यायवाची
सूर्यरवि, भानु, आदित्य
जलनीर, पानी, तोय
पृथ्वीधरती, वसुंधरा, भूमि
राजानरेश, भूप, महाराज

20. विलोम शब्द

जिस शब्द का विपरीत अर्थ प्रकट हो, उसे विलोम शब्द कहते हैं।

शब्दविलोम
दिनरात
सुखदुःख
सत्यअसत्य
लाभहानि

21. अनेकार्थी शब्द

वे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं, अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं।

शब्दअर्थ
करहाथ, टैक्स
फलपरिणाम, फल (Fruit)
हलसमाधान, कृषि उपकरण

22. शब्द विचार का महत्व

  • शब्द भंडार में वृद्धि
  • शुद्ध एवं प्रभावी लेखन
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में उच्च अंक
  • भाषा की गहराई की समझ

📘 परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • तत्सम शब्द सामान्यतः कठिन होते हैं
  • तद्भव शब्द बोलचाल में अधिक प्रयोग होते हैं
  • अनेकार्थी शब्द प्रश्नों में अक्सर पूछे जाते हैं

✍️ PART–4 : संधि (Pages 141–180)

23. संधि की परिभाषा

जब दो वर्णों या शब्दों के मेल से ध्वनि में परिवर्तन होता है, तो उसे संधि कहते हैं। संधि का अर्थ है – मेल।

उदाहरण:

  • देव + आलय = देवालय
  • राम + ईश्वर = रामेश्वर

24. संधि के भेद

हिंदी व्याकरण में संधि के तीन मुख्य भेद माने गए हैं—

  1. स्वर संधि
  2. व्यंजन संधि
  3. विसर्ग संधि

24.1 स्वर संधि

जब दो स्वरों के मिलने से जो परिवर्तन होता है, उसे स्वर संधि कहते हैं।

(क) दीर्घ संधि

यदि अ + अ, आ + आ, इ + इ, ई + ई आदि हों, तो दीर्घ स्वर बनता है।

नियम: समान स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं।

उदाहरण:

  1. देव + आलय = देवालय
  2. विद्या + आलय = विद्यालय
  3. महा + आत्मा = महात्मा
  4. सु + उक्त = सूक्त
  5. कवि + इंद्र = कवींद्र

📌 ट्रिक: समान स्वर = दीर्घ स्वर


(ख) गुण संधि

यदि अ/आ के बाद इ, ई, उ, ऊ, ऋ आए तो क्रमशः ए, ओ, अर् बनते हैं।

स्वरपरिणाम
अ + इए
अ + उओ
अ + ऋअर्

उदाहरण:
6. देव + इंद्र = देवेंद्र
7. नर + उत्तम = नरोत्तम
8. राजा + ऋषि = राजर्षि
9. महा + इंद्र = महेंद्र

📌 ट्रिक: अ/आ आगे = ए, ओ, अर्


(ग) वृद्धि संधि

यदि अ/आ के बाद ए, ऐ, ओ, औ आए तो क्रमशः ऐ, औ बनते हैं।

उदाहरण:
10. महा + ऐश्वर्य = महैश्वर्य
11. देव + औषधि = देवौषधि
12. प्र + ऐतिहासिक = प्रैतिहासिक

📌 ट्रिक: अ/आ + ए/ओ = ऐ/औ


24.2 व्यंजन संधि

जब व्यंजन के मेल से परिवर्तन हो, तो उसे व्यंजन संधि कहते हैं।

प्रमुख नियम एवं उदाहरण

  1. सत् + जन = सज्जन
  2. उत् + सव = उत्सव
  3. तत् + त्व = तत्त्व
  4. सम् + मान = सम्मान
  5. दिक् + पाल = दिग्पाल
  6. वाक् + ईश्वर = वागीश्वर

📌 ट्रिक: समान वर्ग के व्यंजन मिलते हैं


24.3 विसर्ग संधि

जब विसर्ग (ः) के साथ स्वर या व्यंजन के मिलने से परिवर्तन हो, तो उसे विसर्ग संधि कहते हैं।

नियम एवं उदाहरण

  1. दुः + ख = दुःख
  2. निः + शब्द = निशब्द
  3. निः + फल = निष्फल
  4. दुः + कर्म = दुष्कर्म
  5. मनः + बल = मनोबल

📌 ट्रिक: विसर्ग बदलकर स/ष/र हो जाता है


25. संधि – 100+ उदाहरण (अभ्यास हेतु)

  1. लोक + ईश्वर = लोकेश्वर
  2. गुरु + उपदेश = गुरूपदेश
  3. महा + उत्सव = महोत्सव
  4. सत् + भाव = सद्भाव
  5. उत् + थान = उत्थान
  6. निः + स्वार्थ = निस्वार्थ
  7. आत्म + ज्ञान = आत्मज्ञान
  8. हरि + ईश = हरीश
  9. शिव + आलय = शिवालय
  10. धर्म + अर्थ = धर्मार्थ
  11. लोक + उत्तम = लोकोत्तम
  12. मनः + रथ = मनोरथ
  13. दुः + साहस = दुस्साहस
  14. तद् + अनुसार = तदनुसार
  15. सत् + गुरु = सद्गुरु
  16. निः + स्पृह = निस्पृह
  17. सु + उक्ति = सूक्ति

26. परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न (टिप्स)

  • संधि विच्छेद बार-बार पूछा जाता है
  • गुण व वृद्धि संधि में भ्रम न करें
  • विसर्ग संधि में अक्षर परिवर्तन याद रखें

✍️ PART–5 : समास (Pages 181–220)

27. समास की परिभाषा

जब दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया संक्षिप्त एवं अर्थपूर्ण शब्द बनाते हैं, तो उसे समास कहते हैं।

समास का उद्देश्य –

  • भाषा को संक्षिप्त बनाना
  • अर्थ को स्पष्ट करना
  • भाव को प्रभावी बनाना

उदाहरण:

  • राजा का पुत्र → राजपुत्र
  • माता और पिता → माता‑पिता

28. समास के भेद

हिंदी व्याकरण में मुख्यतः चार प्रकार के समास माने जाते हैं—

  1. अव्ययीभाव समास
  2. तत्पुरुष समास
  3. द्वंद्व समास
  4. बहुव्रीहि समास

28.1 अव्ययीभाव समास

जिस समास में पहला पद अव्यय होता है और पूरा पद अव्यय के समान कार्य करता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।

पहचान

  • पहला पद अव्यय होता है
  • समस्त पद अव्यय होता है

उदाहरण:

  1. यथा + शक्ति = यथाशक्ति
  2. प्रति + दिन = प्रतिदिन
  3. उप + नगर = उपनगर
  4. यथा + समय = यथासमय
  5. भर + पेट = भरपेट

📌 ट्रिक: जहाँ ‘यथा, प्रति, उप, भर’ आए → अव्ययीभाव


28.2 तत्पुरुष समास

जिस समास में पहला पद दूसरे पद की विशेषता बताता है और बीच का कारक चिह्न लुप्त होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

तत्पुरुष के भेद (संक्षेप)

  • कर्म तत्पुरुष
  • करण तत्पुरुष
  • संप्रदान तत्पुरुष
  • अपादान तत्पुरुष
  • संबंध तत्पुरुष
  • अधिकरण तत्पुरुष

उदाहरण:
6. राजा का पुत्र → राजपुत्र
7. जल से भरा → जलपूर्ण
8. गुरु के लिए दक्षिणा → गुरुदक्षिणा
9. वन से बाहर → वननिर्गत
10. हाथ का कंगन → हस्तकंकण

📌 ट्रिक: ‘का/के/की’ हटे → तत्पुरुष


28.3 द्वंद्व समास

जिस समास में दोनों पद समान महत्व रखते हैं और ‘और’ का भाव होता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।

पहचान

  • दोनों शब्द स्वतंत्र होते हैं
  • बीच में ‘और’ लगाया जा सकता है

उदाहरण:
11. माता + पिता = माता‑पिता
12. दिन + रात = दिन‑रात
13. राम + लक्ष्मण = राम‑लक्ष्मण
14. सुख + दुःख = सुख‑दुःख

📌 ट्रिक: बीच में ‘और’ आए → द्वंद्व


28.4 बहुव्रीहि समास

जिस समास में किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु का बोध होता है, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।

पहचान

  • समस्त पद का अर्थ किसी अन्य के लिए होता है

उदाहरण:
15. नील + कंठ = नीलकंठ (शिव)
16. दश + आनन = दशानन (रावण)
17. पीत + अंबर = पीतांबर (कृष्ण)
18. लंब + उदर = लंबोदर (गणेश)

📌 ट्रिक: नाम/विशेष पहचान बने → बहुव्रीहि


29. समास – 50+ उदाहरण (अभ्यास हेतु)

  1. यथा + विधि = यथाविधि
  2. प्रति + वर्ष = प्रतिवर्ष
  3. ग्राम का प्रधान = ग्रामप्रधान
  4. राजा और रानी = राजा‑रानी
  5. चतुर्भुज = चार भुजाओं वाला
  6. त्रिलोचन = तीन नेत्रों वाला
  7. दिन और रात = दिन‑रात
  8. महाबली = महान बल वाला

30. परीक्षा उपयोगी तथ्य (समास)

  • समास विच्छेद अक्सर पूछा जाता है
  • बहुव्रीहि समास सबसे अधिक भ्रमित करता है
  • द्वंद्व में दोनों पद समान होते हैं

✍️ PART–6 : वाक्य विचार (Pages 221–260)

31. वाक्य की परिभाषा

शब्दों का वह सार्थक समूह जिससे पूर्ण भाव व्यक्त हो, उसे वाक्य कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम विद्यालय जाता है।
  • बच्चे खेल रहे हैं।

📌 ट्रिक: जहाँ पूरा अर्थ मिले → वही वाक्य


32. वाक्य के अंग

  1. उद्देश्य (Subject) – जिसके विषय में कुछ कहा जाए
  2. विधेय (Predicate) – उद्देश्य के बारे में कही गई बात

उदाहरण:

  • राम (उद्देश्य) पढ़ता है (विधेय)

33. वाक्य के भेद (रचना के आधार पर)

(क) सरल वाक्य

जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही क्रिया हो।

उदाहरण:

  1. राम पढ़ता है।
  2. वह सो रहा है।

📌 ट्रिक: एक काम → सरल


(ख) संयुक्त वाक्य

जिस वाक्य में दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य हों।

उदाहरण:
3. राम पढ़ता है और श्याम लिखता है।
4. वह आया और चला गया।

📌 ट्रिक: ‘और, तथा’ आए → संयुक्त


(ग) मिश्र वाक्य

जिस वाक्य में एक मुख्य उपवाक्य तथा एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों।

उदाहरण:
5. जब वर्षा होती है तब फसल अच्छी होती है।
6. जो मेहनत करता है वही सफल होता है।

📌 ट्रिक: ‘जो, जब, यदि’ आए → मिश्र


34. भाव के आधार पर वाक्य के भेद

  1. विधानवाचक – राम अच्छा लड़का है।
  2. निषेधवाचक – वह नहीं जाएगा।
  3. प्रश्नवाचक – क्या तुम आओगे?
  4. आज्ञावाचक – यहाँ आओ।
  5. इच्छावाचक – काश! मैं सफल हो जाऊँ।
  6. विस्मयादिबोधक – वाह! कितना सुंदर दृश्य है।

35. वाच्य (Voice)

क्रिया के उस रूप को वाच्य कहते हैं जिससे यह पता चले कि कार्य कौन कर रहा है।

वाच्य के भेद

(क) कर्तृवाच्य

जिस वाक्य में कर्ता प्रधान हो।

उदाहरण:

  1. राम पत्र लिखता है।

📌 ट्रिक: कर्ता आगे → कर्तृवाच्य


(ख) कर्मवाच्य

जिस वाक्य में कर्म प्रधान हो।

उदाहरण:
2. पत्र राम द्वारा लिखा जाता है।

📌 ट्रिक: ‘द्वारा’ आए → कर्मवाच्य


(ग) भाववाच्य

जिस वाक्य में कर्ता का उल्लेख न हो।

उदाहरण:
3. पत्र लिखा गया।

📌 ट्रिक: कर्ता गायब → भाववाच्य


36. काल (Tense)

क्रिया के समय को काल कहते हैं।

काल के भेद

(क) वर्तमान काल

राम पढ़ता है।

(ख) भूतकाल

राम ने पढ़ा।

(ग) भविष्यत् काल

राम पढ़ेगा।

📌 ट्रिक:

  • है/रहा → वर्तमान
  • था/ने → भूत
  • गा/गी → भविष्य

37. कारक

संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया से जो संबंध हो, उसे कारक कहते हैं।

कारक के भेद

कारकचिह्नउदाहरण
कर्तानेराम ने लिखा
कर्मकोसीता को बुलाओ
करणसेकलम से लिखा
संप्रदानको/के लिएराम को पुरस्कार
अपादानसेघर से आया
अधिकरणमें/परघर में रहता
संबंधका/की/केराम का घर

📌 ट्रिक: ‘का/की/के’ → संबंध कारक


38. वाक्य विचार – परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • वाच्य परिवर्तन अक्सर पूछा जाता है
  • काल पहचान में सहायक शब्द देखें
  • मिश्र वाक्य में आश्रित उपवाक्य अवश्य होगा

✍️ PART–7 : अलंकार एवं रस (Pages 261–300)

39. अलंकार की परिभाषा

जिस तत्व से भाषा, काव्य या वाक्य में सौंदर्य एवं चमत्कार उत्पन्न हो, उसे अलंकार कहते हैं।

📌 ट्रिक: भाषा को सजाए → अलंकार


40. अलंकार के भेद

अलंकार मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—

  1. शब्दालंकार
  2. अर्थालंकार

40.1 शब्दालंकार

जहाँ शब्दों की विशेष रचना से सौंदर्य उत्पन्न हो, वहाँ शब्दालंकार होता है।

(क) अनुप्रास अलंकार

जब किसी वाक्य या पद में एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति हो।

उदाहरण:

  1. चंचल चितवन चित चुरा ले
  2. काली घटा घिर आई

📌 ट्रिक: एक अक्षर बार-बार → अनुप्रास


(ख) यमक अलंकार

जब एक ही शब्द बार-बार आए लेकिन अर्थ अलग-अलग हों।

उदाहरण:
3. कनक-कनक ते सौ गुनी
4. तीन बेर खाती थी वह बेर

📌 ट्रिक: शब्द समान, अर्थ अलग → यमक


(ग) श्लेष अलंकार

जब एक ही शब्द से एक साथ अनेक अर्थ निकलें।

उदाहरण:
5. मधुबन की छाया में मधु बन गया
6. हरि हरि हरि गुण गाऊँ

📌 ट्रिक: एक शब्द, कई अर्थ → श्लेष


40.2 अर्थालंकार

जहाँ अर्थ के कारण चमत्कार उत्पन्न हो, वहाँ अर्थालंकार होता है।

(क) उपमा अलंकार

जब एक वस्तु की तुलना दूसरी से की जाए।

उदाहरण:
7. उसका मुख चंद्रमा सा है।
8. वह सिंह के समान वीर है।

📌 ट्रिक: सा/जैसे/समान → उपमा


(ख) रूपक अलंकार

जब उपमेय और उपमान में अभेद दिखाया जाए।

उदाहरण:
9. वह तो सिंह है।
10. नारी जीवन की ज्योति है।

📌 ट्रिक: सा/जैसे नहीं, सीधा = → रूपक


(ग) अतिशयोक्ति अलंकार

जब किसी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए।

उदाहरण:
11. आकाश को छूती इमारत
12. आँसू की नदियाँ बहा दीं

📌 ट्रिक: बढ़ा-चढ़ाकर → अतिशयोक्ति


(घ) मानवीकरण अलंकार

जब निर्जीव वस्तुओं को मानवीय गुण दिए जाएँ।

उदाहरण:
13. चाँद मुस्कुरा रहा है।
14. हवाएँ गुनगुना रही हैं।

📌 ट्रिक: निर्जीव + मानव गुण → मानवीकरण


41. अलंकार – 60+ उदाहरण (अभ्यास हेतु)

  1. गगन गूँज उठा
  2. फूल हँस पड़े
  3. वह पर्वत सा अडिग है
  4. आँखों से सावन बरसा

(इसी क्रम में 60+ उदाहरण पुस्तक में सम्मिलित)


42. रस की परिभाषा

काव्य पढ़ने या सुनने से जो आनंद उत्पन्न होता है, उसे रस कहते हैं।

📌 ट्रिक: भाव का आनंद → रस


43. रस के अंग

  1. स्थायी भाव
  2. विभाव
  3. अनुभाव
  4. संचारी भाव

44. रस के भेद (9 रस)

रसस्थायी भाव
श्रृंगाररति
हास्यहास
करुणशोक
रौद्रक्रोध
वीरउत्साह
भयानकभय
बीभत्सजुगुप्सा
अद्भुतविस्मय
शांतनिर्वेद

45. प्रमुख रस – उदाहरण

  1. श्रृंगार – नायिका का सौंदर्य वर्णन
  2. वीर – रणभूमि का वर्णन
  3. करुण – विरह या दुख का दृश्य
  4. हास्य – विनोदपूर्ण प्रसंग

46. रस – परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • 9 रस माने जाते हैं
  • श्रृंगार रस को रसों का राजा कहा जाता है
  • शांत रस अंतिम रस है

📘 MCQ QUESTION BANK (CTET / TET / SSC)

PART–1 : हिंदी व्याकरण (वर्ण विचार + शब्द विचार)

🔹 SECTION–A : वर्ण विचार (Q.1–50)

Q1. हिंदी वर्णमाला में कुल वर्ण कितने माने जाते हैं?
A. 44
B. 45
C. 46
D. 52
उत्तर: C

Q2. निम्न में से ह्रस्व स्वर कौन-सा है?
A. आ
B. ई
C. उ
D. ए
उत्तर: C

Q3. ‘क्ष’ किस प्रकार का व्यंजन है?
A. स्पर्श
B. ऊष्म
C. संयुक्त
D. अंतःस्थ
उत्तर: C

Q4. ‘कंठ्य’ वर्णों का उच्चारण स्थान है—
A. तालु
B. कंठ
C. दाँत
D. होंठ
उत्तर: B

Q5. ‘मात्रा’ किससे संबंधित है?
A. व्यंजन
B. स्वर
C. संधि
D. समास
उत्तर: B


🔹 SECTION–B : शब्द विचार (Q.51–150)

Q51. ‘अग्नि’ शब्द किस श्रेणी में आता है?
A. तद्भव
B. देशज
C. तत्सम
D. विदेशी
उत्तर: C

Q52. ‘पानी’ शब्द किसका तद्भव रूप है?
A. जल
B. नीर
C. वारि
D. उदक
उत्तर: A

Q53. ‘राजा’ शब्द का पर्यायवाची नहीं है—
A. नरेश
B. भूप
C. महीप
D. सेवक
उत्तर: D

Q54. ‘सुख’ का विलोम शब्द है—
A. शांति
B. दुःख
C. आनंद
D. हर्ष
उत्तर: B

Q55. ‘कर’ शब्द का कौन-सा अर्थ नहीं है?
A. हाथ
B. टैक्स
C. किरण
D. कार्य
उत्तर: D


📕 PART–2 : संधि MCQ (Q.151–300)

🔹 SECTION–C : संधि (CTET / TET / SSC)

Q151. ‘देवालय’ में कौन-सी संधि है?
A. गुण संधि
B. दीर्घ संधि
C. वृद्धि संधि
D. व्यंजन संधि
उत्तर: B

Q152. ‘नरोत्तम’ शब्द किस संधि का उदाहरण है?
A. दीर्घ
B. गुण
C. वृद्धि
D. विसर्ग
उत्तर: B

Q153. ‘महैश्वर्य’ में कौन-सी संधि है?
A. गुण
B. दीर्घ
C. वृद्धि
D. व्यंजन
उत्तर: C

Q154. ‘दुःख’ शब्द में कौन-सी संधि है?
A. स्वर
B. व्यंजन
C. विसर्ग
D. यमक
उत्तर: C

Q155. ‘सज्जन’ शब्द का संधि विच्छेद है—
A. सत् + जन
B. सद् + जन
C. सत् + जन
D. सत् + जन्
उत्तर: A


📕 PART–3 : समास MCQ (Q.301–450)

🔹 SECTION–D : समास

Q301. ‘राजपुत्र’ में कौन-सा समास है?
A. द्वंद्व
B. बहुव्रीहि
C. तत्पुरुष
D. अव्ययीभाव
उत्तर: C

Q302. ‘माता-पिता’ किस समास का उदाहरण है?
A. तत्पुरुष
B. द्वंद्व
C. बहुव्रीहि
D. कर्मधारय
उत्तर: B

Q303. ‘नीलकंठ’ में कौन-सा समास है?
A. द्वंद्व
B. अव्ययीभाव
C. तत्पुरुष
D. बहुव्रीहि
उत्तर: D

Q304. ‘प्रतिदिन’ किस समास का उदाहरण है?
A. तत्पुरुष
B. द्वंद्व
C. अव्ययीभाव
D. बहुव्रीहि
उत्तर: C


📕 PART–4 : वाक्य / वाच्य / काल / कारक MCQ (Q.451–700)

🔹 SECTION–E : वाक्य विचार

Q451. ‘राम पढ़ता है।’ कौन-सा वाक्य है?
A. संयुक्त
B. मिश्र
C. सरल
D. आज्ञावाचक
उत्तर: C

Q452. ‘पत्र राम द्वारा लिखा गया।’ कौन-सा वाच्य है?
A. कर्तृ
B. कर्म
C. भाव
D. विधेय
उत्तर: B

Q453. ‘राम ने खाना खाया।’ किस काल का वाक्य है?
A. वर्तमान
B. भविष्य
C. भूत
D. आज्ञा
उत्तर: C

Q454. ‘सीता को बुलाओ।’ में ‘को’ कौन-सा कारक है?
A. कर्ता
B. कर्म
C. करण
D. संप्रदान
उत्तर: B


📕 PART–5 : अलंकार एवं रस MCQ (Q.701–1000+)

🔹 SECTION–F : अलंकार एवं रस

Q701. ‘चंचल चितवन चित चुरा ले’ में कौन-सा अलंकार है?
A. उपमा
B. रूपक
C. अनुप्रास
D. श्लेष
उत्तर: C

Q702. ‘वह सिंह है।’ कौन-सा अलंकार है?
A. उपमा
B. रूपक
C. अतिशयोक्ति
D. मानवीकरण
उत्तर: B

Q703. ‘आँसू की नदियाँ बहा दीं’ में कौन-सा अलंकार है?
A. रूपक
B. उपमा
C. अतिशयोक्ति
D. यमक
उत्तर: C

Q704. ‘वीर रस’ का स्थायी भाव क्या है?
A. क्रोध
B. उत्साह
C. भय
D. शोक
उत्तर: B

📕 PART–5 : अलंकार एवं रस

Q701. ‘चंचल चितवन चित चुरा ले’ में कौन-सा अलंकार है?
A. उपमा
B. यमक
C. अनुप्रास
D. श्लेष
उत्तर: C

Q702. ‘वह सिंह है’ – यह कौन-सा अलंकार है?
A. उपमा
B. रूपक
C. अतिशयोक्ति
D. मानवीकरण
उत्तर: B

Q703. ‘उसका मुख चंद्रमा सा है’ में अलंकार है—
A. रूपक
B. उपमा
C. श्लेष
D. यमक
उत्तर: B

Q704. ‘आँसू की नदियाँ बहा दीं’ में अलंकार है—
A. मानवीकरण
B. रूपक
C. अतिशयोक्ति
D. अनुप्रास
उत्तर: C

Q705. ‘फूल हँस पड़े’ में कौन-सा अलंकार है?
A. रूपक
B. अतिशयोक्ति
C. मानवीकरण
D. उपमा
उत्तर: C

Q706. ‘कनक-कनक ते सौ गुनी’ में अलंकार है—
A. श्लेष
B. यमक
C. अनुप्रास
D. रूपक
उत्तर: B

Q707. ‘हरि हरि हरि गुण गाऊँ’ में कौन-सा अलंकार है?
A. यमक
B. श्लेष
C. उपमा
D. अतिशयोक्ति
उत्तर: B

Q708. ‘वह पर्वत सा अडिग है’ में अलंकार है—
A. रूपक
B. उपमा
C. अनुप्रास
D. श्लेष
उत्तर: B

Q709. ‘गगन गूँज उठा’ में कौन-सा अलंकार है?
A. मानवीकरण
B. उपमा
C. यमक
D. श्लेष
उत्तर: A

Q710. ‘नारी जीवन की ज्योति है’ में अलंकार है—
A. उपमा
B. रूपक
C. अतिशयोक्ति
D. अनुप्रास
उत्तर: B

📌 Exam Trick (अलंकार):

  • सा/जैसे → उपमा
  • सीधा समान मान लेना → रूपक
  • बढ़ा-चढ़ाकर → अतिशयोक्ति
  • निर्जीव को मानव गुण → मानवीकरण

🔸 रस MCQ (Q.851–1000+)

Q851. ‘वीर रस’ का स्थायी भाव क्या है?
A. क्रोध
B. उत्साह
C. भय
D. शोक
उत्तर: B

Q852. ‘श्रृंगार रस’ का स्थायी भाव है—
A. रति
B. हास
C. उत्साह
D. शोक
उत्तर: A

Q853. ‘करुण रस’ का स्थायी भाव क्या है?
A. भय
B. क्रोध
C. शोक
D. जुगुप्सा
उत्तर: C

Q854. ‘हास्य रस’ का स्थायी भाव है—
A. विस्मय
B. हास
C. आनंद
D. रति
उत्तर: B

Q855. ‘रौद्र रस’ का स्थायी भाव क्या है?
A. भय
B. क्रोध
C. शोक
D. उत्साह
उत्तर: B

Q856. ‘भयानक रस’ का स्थायी भाव है—
A. भय
B. जुगुप्सा
C. विस्मय
D. क्रोध
उत्तर: A

Q857. ‘बीभत्स रस’ का स्थायी भाव है—
A. भय
B. शोक
C. जुगुप्सा
D. रति
उत्तर: C

Q858. ‘अद्भुत रस’ का स्थायी भाव है—
A. विस्मय
B. हास
C. रति
D. उत्साह
उत्तर: A

Q859. ‘शांत रस’ का स्थायी भाव है—
A. निर्वेद
B. शोक
C. भय
D. क्रोध
उत्तर: A

Q860. ‘रसों का राजा’ किसे कहा जाता है?
A. वीर
B. करुण
C. हास्य
D. श्रृंगार
उत्तर: D

📌 Exam Trick (रस):

  • युद्ध/शौर्य → वीर
  • प्रेम/सौंदर्य → श्रृंगार
  • दुःख/विरह → करुण
  • भय/डर → भयानक
  • शांति/वैराग्य → शांत

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