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छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण

EduVista India जनवरी 25, 2026 (अंतिम अद्यतन: जनवरी 31, 2026) 5 मिनट पढ़े

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छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 1 : भाषा परिचय

छत्तीसगढ़ी भाषा भारत के मध्य भाग म बोले जाथे एक समृद्ध लोकभाषा आय। ए भाषा छत्तीसगढ़ राज्य के जनजीवन, संस्कृति, परंपरा अउ लोकसाहित्य के आत्मा आय। छत्तीसगढ़ी व्याकरण के ज्ञान ले भाषा के सही उपयोग, लेखन अउ बोली के शुद्धता बनथे।छत्तीसगढ़ी वो भाषा आय जऊन छत्तीसगढ़ क्षेत्र के आम जनता के बोली आय। ए भाषा मुख्य रूप ले हिंदी भाषा परिवार ले संबंध रखथे, लेकिन अपन अलग पहचान अउ संरचना रखथे।

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 भाषा काबर कहिथन?

भाषा वो माध्यम आय, जेन ले मनखे अपन विचार, भावना अउ अनुभव ला दूसर मनखे तक पहुँचाथे।

छत्तीसगढ़ी भाषा के विशेष अर्थ

छत्तीसगढ़ी भाषा म:

  • सरलता हे
  • भावनात्मक अपनापन हे
  • लोकजीवन के झलक मिलथे
  • बोली अउ भाषा के मधुर मिश्रण हे

 छत्तीसगढ़ी भाषा का इतिहास

छत्तीसगढ़ी भाषा के इतिहास बहुत पुराना हे। ए भाषा प्राचीन कोसल राज्य ले जुड़े रहिस।

 प्राचीन काल म छत्तीसगढ़ी

प्राचीन समय म छत्तीसगढ़ क्षेत्र के भाषा कोसली कहाय जात रहिस। धीरे-धीरे ए भाषा विकसित होके आज के छत्तीसगढ़ी बनिस।

H4: मध्यकालीन विकास

मध्यकाल म:

  • लोकगीत
  • लोककथा
  • दोहा
  • लोकनाट्य

के माध्यम ले छत्तीसगढ़ी भाषा मजबूत होइस।

 छत्तीसगढ़ी भाषा का क्षेत्रीय विस्तार

छत्तीसगढ़ी भाषा मुख्य रूप ले छत्तीसगढ़ राज्य म बोले जाथे।

H3: प्रमुख जिले जहाँ छत्तीसगढ़ी बोले जाथे

  • रायपुर
  • बिलासपुर
  • दुर्ग
  • धमतरी
  • महासमुंद
  • बालोद
  • जांजगीर-चांपा

H4: पड़ोसी राज्य म छत्तीसगढ़ी प्रभाव

छत्तीसगढ़ी के प्रभाव:

  • मध्यप्रदेश
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • झारखंड

म भी देखे जाथे।

 छत्तीसगढ़ी भाषा के रूप (बोलियाँ)

छत्तीसगढ़ी भाषा के भीतर कई उपबोलियाँ पाय जाथें।

 प्रमुख छत्तीसगढ़ी बोलियाँ

  • खलारी छत्तीसगढ़ी
  • सरगुजिहा
  • रायपुरी छत्तीसगढ़ी
  • बिलासपुरी छत्तीसगढ़ी

 बोली अउ भाषा म अंतर

बोली:

  • सीमित क्षेत्र म बोले जाथे

भाषा:

  • व्यापक क्षेत्र म मान्यता पाथे

 छत्तीसगढ़ी भाषा की विशेषताएँ

छत्तीसगढ़ी भाषा के कई खास विशेषता हें।

H3: ध्वन्यात्मक विशेषता

  • मधुर उच्चारण
  • सरल शब्द
  • स्थानीय ध्वनि प्रयोग

H4: शब्दावली की विशेषता

  • देसी शब्द अधिक
  • संस्कृत अउ हिंदी ले प्रभावित
  • लोकजीवन आधारित शब्द

H2: छत्तीसगढ़ी अउ हिंदी भाषा म अंतर

छत्तीसगढ़ी अउ हिंदी दिखे म एक जइसन लग सकथे, लेकिन व्याकरण अउ शब्द रचना म अंतर हे।

H3: उदाहरण सहित अंतर

हिंदीछत्तीसगढ़ी
मैं जा रहा हूँमैं जात हौं
तुम क्या कर रहे होतैं का करत हव
वह आएगावो आही

H4: व्याकरणिक अंतर

  • क्रिया रूप अलग
  • सर्वनाम अलग
  • वाक्य संरचना अलग

H2: छत्तीसगढ़ी व्याकरण का महत्व

छत्तीसगढ़ी व्याकरण भाषा के सही उपयोग के लिए जरूरी हे।

H3: विद्यार्थी के लिए महत्व

  • सही लेखन
  • सही उच्चारण
  • परीक्षा म लाभ

H4: लेखक अउ शिक्षक के लिए महत्व

  • भाषा शुद्धता
  • साहित्य सृजन
  • भाषा संरक्षण

H2: छत्तीसगढ़ी भाषा का वर्तमान स्थिति

आज छत्तीसगढ़ी भाषा धीरे-धीरे शिक्षा अउ डिजिटल माध्यम म जगह बना रहिस।

H3: शिक्षा म छत्तीसगढ़ी

  • पाठ्यपुस्तक
  • प्रतियोगी परीक्षा
  • लोक साहित्य

H4: डिजिटल युग म छत्तीसगढ़ी

  • वेबसाइट
  • ब्लॉग
  • यूट्यूब
  • सोशल मीडिया

H2: PART–1 का सारांश

छत्तीसगढ़ी भाषा छत्तीसगढ़ के पहचान आय। ए भाषा के संरक्षण अउ प्रचार खातिर व्याकरण के अध्ययन जरूरी हे। PART–1 म हमने भाषा के परिचय, इतिहास, क्षेत्र, विशेषता अउ महत्व के विस्तार ले चर्चा करे हन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 2 : वर्ण विचार

वर्ण विचार व्याकरण के आधार आय। भाषा के हर शब्द, वाक्य अउ अभिव्यक्ति वर्ण ले बने रहिथे। छत्तीसगढ़ी भाषा के सही उच्चारण, लेखन अउ समझ खातिर वर्ण विचार के गहरा ज्ञान जरूरी हे।


H2: वर्ण काबर कहिथन? (वर्ण की परिभाषा)

H3: वर्ण की परिभाषा

जऊन सबसे छोटी ध्वनि आय, जेन ला तोड़े नई जा सकय, उही ला वर्ण कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

जइसे:

  • क
  • ख
  • अ
  • आ

ए सब वर्ण आय।


H2: वर्ण के भेद

छत्तीसगढ़ी अउ हिंदी व्याकरण अनुसार वर्ण के तीन मुख्य भेद हें:

H3: वर्ण के प्रकार

  1. स्वर
  2. व्यंजन
  3. अयोगवाह

H2: स्वर विचार

H3: स्वर काबर कहिथन?

जऊन वर्ण के उच्चारण म दूसर वर्ण के सहायता नई लगे, उही ला स्वर कहिथन।

H4: उदाहरण

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ


H2: स्वर के भेद

H3: (1) ह्रस्व स्वर

जऊन स्वर के उच्चारण कम समय म होथे, उही ला ह्रस्व स्वर कहिथन।

H4: ह्रस्व स्वर के उदाहरण

  • अ
  • इ
  • उ

छत्तीसगढ़ी शब्द उदाहरण:

  • अकल (अक़्ल)
  • इहाँ
  • उधर

H3: (2) दीर्घ स्वर

जऊन स्वर के उच्चारण जियादा समय ले होथे, उही ला दीर्घ स्वर कहिथन।

H4: दीर्घ स्वर के उदाहरण

  • आ
  • ई
  • ऊ
  • ए
  • ऐ
  • ओ
  • औ

छत्तीसगढ़ी शब्द उदाहरण:

  • आमा
  • ईमान
  • ऊँच
  • ओखर
  • औजार

H2: मात्रा विचार

H3: मात्रा काबर कहिथन?

स्वर जब व्यंजन के साथ जुड़थे, त उहां अपन रूप बदल के मात्रा बन जाथे।

H4: स्वर अउ मात्रा तालिका

स्वरमात्राउदाहरण (छत्तीसगढ़ी)
अ—कम
आाकाम
इिदिन
ईीनीक
उुदुख
ऊूफूल
एेमेर
ऐैमैदा
ओोमोर
औौचौक

H2: व्यंजन विचार

H3: व्यंजन काबर कहिथन?

जऊन वर्ण के उच्चारण म स्वर के सहायता लगे, उही ला व्यंजन कहिथन।

H4: उदाहरण

क, ख, ग, घ, च, छ, ज, झ …


H2: व्यंजन के वर्ग

H3: (1) क-वर्ग

क, ख, ग, घ, ङ

छत्तीसगढ़ी शब्द:

  • काम
  • खाय
  • गांव

H3: (2) च-वर्ग

च, छ, ज, झ, ञ

उदाहरण:

  • चूल्हा
  • झन
  • जात

H3: (3) ट-वर्ग

ट, ठ, ड, ढ, ण

उदाहरण:

  • टंग
  • डहर
  • ढंग

H3: (4) त-वर्ग

त, थ, द, ध, न

उदाहरण:

  • तैं
  • धन
  • दाई

H3: (5) प-वर्ग

प, फ, ब, भ, म

उदाहरण:

  • पानी
  • भाई
  • मया

H2: अंतःस्थ व्यंजन

H3: य, र, ल, व

उदाहरण:

  • मोर
  • लइका
  • वो

H2: ऊष्म व्यंजन

H3: श, ष, स, ह

छत्तीसगढ़ी प्रयोग:

  • सब
  • हांव
  • सही

H2: संयुक्त वर्ण

H3: क्ष, त्र, ज्ञ

H4: उदाहरण

  • क्षमा
  • त्रुटि
  • ज्ञान

H2: अयोगवाह वर्ण

H3: अनुस्वार (ं), विसर्ग (ः), चंद्रबिंदु (ँ)

उदाहरण:

  • हाँ
  • अंगना
  • दुःख

H2: छत्तीसगढ़ी भाषा म विशेष ध्वनियाँ

H3: स्थानीय उच्चारण

छत्तीसगढ़ी म:

  • “हांव”
  • “तैं”
  • “मोर”

जइसे शब्द हें जऊन हिंदी ले अलग उच्चारित होथें।


H2: वर्ण विचार का महत्व

H3: सही उच्चारण

H4: शुद्ध लेखन

वर्ण ज्ञान बिना:

  • शब्द गलत हो जाथे
  • अर्थ बदल जाथे

H2: अभ्यास प्रश्न (खंड–1)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. ह्रस्व स्वर कौन आय?
    (क) आ (ख) ई (ग) अ (घ) ओ
  2. “मोर” म कौन स्वर आय?
    (क) अ (ख) ओ (ग) उ (घ) ए

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. क, ख, ग ___ वर्ग आय।
  2. आ के मात्रा ___ आय।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. स्वर बिना सहायता उच्चारित होथे।
  2. प-वर्ग म 6 वर्ण होथें।

H2: PART–2 (खंड–1) सारांश

ए खंड म हमने वर्ण, स्वर, मात्रा, व्यंजन अउ अयोगवाह के आधारभूत अध्ययन करे हन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 2 : वर्ण विचार (खंड–2)

ए खंड म हम वर्ण के उच्चारण स्थान, घोष–अघोष, अल्पप्राण–महाप्राण, अउ छत्तीसगढ़ी भाषा म उच्चारण के विशेषता ला विस्तार ले समझबो।


H2: उच्चारण स्थान काबर कहिथन?

H3: उच्चारण स्थान की परिभाषा

जऊन जगह म जिह्वा, दाँत, तालु, कंठ आदि के सहायता ले वर्ण के उच्चारण होथे, उहां ला उच्चारण स्थान कहिथन।


H2: उच्चारण स्थान अनुसार वर्ण के भेद


H3: (1) कंठ्य वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण कंठ (गला) ले होथे, उही ला कंठ्य वर्ण कहिथन।

वर्ण:

  • अ, आ
  • क, ख, ग, घ, ङ
  • ह

छत्तीसगढ़ी उदाहरण:

  • घर
  • गांव
  • हांव

H3: (2) तालव्य वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण तालु ले होथे, उही ला तालव्य वर्ण कहिथन।

वर्ण:

  • इ, ई
  • च, छ, ज, झ, ञ
  • य, श

उदाहरण:

  • चाय
  • जिनगी
  • शांति

H3: (3) मूर्धन्य वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण म जिह्वा के अगला हिस्सा मूर्धा ला छूथे, उही ला मूर्धन्य वर्ण कहिथन।

वर्ण:

  • ट, ठ, ड, ढ, ण
  • ष

छत्तीसगढ़ी उदाहरण:

  • टंग
  • डहर
  • ठन

H3: (4) दन्त्य वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण दाँत ले होथे, उही ला दन्त्य वर्ण कहिथन।

वर्ण:

  • त, थ, द, ध, न
  • स

उदाहरण:

  • तैं
  • दिन
  • सपना

H3: (5) ओष्ठ्य वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण ओंठ ले होथे, उही ला ओष्ठ्य वर्ण कहिथन।

वर्ण:

  • उ, ऊ
  • प, फ, ब, भ, म
  • व

छत्तीसगढ़ी उदाहरण:

  • पानी
  • मया
  • बइठ

H2: घोष अउ अघोष वर्ण


H3: घोष वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण म कंठ म कंपन होथे, उही ला घोष वर्ण कहिथन।

उदाहरण:

  • ग, घ, ज, झ, ड, ढ, द, ध, ब, भ

H3: अघोष वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण म कंठ म कंपन नई होथे, उही ला अघोष वर्ण कहिथन।

उदाहरण:

  • क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ

H2: अल्पप्राण अउ महाप्राण


H3: अल्पप्राण वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण म हवा कम निकरथे, उही ला अल्पप्राण वर्ण कहिथन।

उदाहरण:

  • क, ग, च, ज, ट, ड, त, द, प, ब

H3: महाप्राण वर्ण

H4: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण म हवा जियादा निकरथे, उही ला महाप्राण वर्ण कहिथन।

उदाहरण:

  • ख, घ, छ, झ, ठ, ढ, थ, ध, फ, भ

H2: नासिक्य वर्ण

H3: परिभाषा

जऊन वर्ण के उच्चारण नाक ले होथे, उही ला नासिक्य वर्ण कहिथन।

वर्ण:

  • ङ, ञ, ण, न, म

उदाहरण:

  • अंगना
  • मन
  • नाम

H2: छत्तीसगढ़ी उच्चारण के विशेषता

H3: स्थानीय प्रभाव

छत्तीसगढ़ी म:

  • “है” के जगह “हे”
  • “मैं” के जगह “हांव”
  • “तुम” के जगह “तैं”

H4: उच्चारण म सरलता

छत्तीसगढ़ी उच्चारण:

  • सरल
  • मधुर
  • सहज

H2: उच्चारण दोष अउ सुधार

H3: सामान्य दोष

  • त–ट के गड़बड़ी
  • स–श के भ्रम
  • ह के अति प्रयोग

H4: सुधार उपाय

  • सही वर्ण अभ्यास
  • धीरे उच्चारण
  • लिख–पढ़ के अभ्यास

H2: अभ्यास प्रश्न (खंड–2)


H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. दन्त्य वर्ण कौन आय?
    (क) क (ख) च (ग) त (घ) प
  2. महाप्राण वर्ण कौन आय?
    (क) ग (ख) द (ग) भ (घ) ब

H3: (ख) मिलान करव

वर्णउच्चारण स्थान
ककंठ्य
चतालव्य
टमूर्धन्य
तदन्त्य
पओष्ठ्य

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. घ घोष वर्ण आय।
  2. फ अल्पप्राण वर्ण आय।

H3: (घ) एक शब्द म उत्तर देव

  1. नाक ले उच्चारित वर्ण ला का कहिथन?
  2. जऊन वर्ण म कंपन होथे, उहां का कहिथन?

H2: PART–2 (खंड–2) सारांश

ए खंड म वर्ण के उच्चारण स्थान, ध्वनि प्रकार अउ छत्तीसगढ़ी विशेषता के गहन अध्ययन करिन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 2 : वर्ण विचार (खंड–3)

ए खंड म हम देखबो कि वर्ण मिल के कइसने बदल जाथें, ध्वनि म का–का परिवर्तन होथे अउ छत्तीसगढ़ी अउ हिंदी वर्ण प्रणाली म का अंतर हे।


H2: संधि काबर कहिथन?

H3: संधि की परिभाषा

जब दू वर्ण या शब्द मिल के एक नया रूप बनाथें, अउ उच्चारण म परिवर्तन हो जाथे, त ओला संधि कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी म संधि के महत्व

छत्तीसगढ़ी भाषा म संधि अधिकतर स्वाभाविक बोलचाल म दिखथे।


H2: स्वर संधि

H3: परिभाषा

जब दू स्वर आपस म मिलथें अउ नया स्वर बनथे, त ओला स्वर संधि कहिथन।

H4: उदाहरण (छत्तीसगढ़ी)

  • राम + अउ → रामउ
  • मोर + अउ → मोरउ
  • जा + ए → जाए

H2: व्यंजन संधि

H3: परिभाषा

जब दू व्यंजन मिलथें अउ नया ध्वनि रूप बनथे, त ओला व्यंजन संधि कहिथन।

H4: उदाहरण

  • सत + जन → सज्जन
  • उत + तीर → उत्तीर्ण

(छत्तीसगढ़ी म ए संधि कम प्रयोग होथे)


H2: विसर्ग संधि

H3: परिभाषा

विसर्ग (ः) अउ स्वर/व्यंजन मिल के जऊन रूप बने, उला विसर्ग संधि कहिथन।

H4: उदाहरण

  • दुः + ख → दुःख
  • दुः + खी → दुःखी

H2: छत्तीसगढ़ी म ध्वनि परिवर्तन

H3: ध्वनि परिवर्तन काबर होथे?

छत्तीसगढ़ी भाषा म सरलता खातिर शब्द के ध्वनि बदले जाथे।


H3: (1) स → ह परिवर्तन

H4: उदाहरण

  • सब → हब
  • सही → हही

H3: (2) र → ल परिवर्तन

H4: उदाहरण

  • घर → घल
  • बर → बल

H3: (3) ज → य परिवर्तन

H4: उदाहरण

  • जइसे → यइसे
  • जान → यान

H3: (4) द → ड परिवर्तन

H4: उदाहरण

  • दाल → डाल
  • दाई → डाई

H2: उच्चारण के कारण शब्द रूप परिवर्तन

H3: सरलता सिद्धांत

छत्तीसगढ़ी म कठिन शब्द के सरल रूप अपनाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • विद्यालय → पढ़ई घर
  • शिक्षक → गुरुजी

H2: छत्तीसगढ़ी अउ हिंदी वर्ण प्रणाली म अंतर

H3: तुलनात्मक तालिका

विषयहिंदीछत्तीसगढ़ी
मैंमैंहांव
तुमतुमतैं
मेरामेरामोर
हैहैहे

H4: व्याकरणिक अंतर

  • छत्तीसगढ़ी म ध्वनि सरलीकरण
  • हिंदी म संस्कृत प्रभाव अधिक

H2: छत्तीसगढ़ी उच्चारण के नियम

H3: प्रमुख नियम

  1. शब्द के अंत म “ह” के प्रयोग
  2. दीर्घ स्वर के कम प्रयोग
  3. बोलचाल आधारित उच्चारण

H2: वर्ण विचार का व्यवहारिक उपयोग

H3: बोलचाल म

H4: लेखन म

वर्ण ज्ञान ले:

  • सही उच्चारण
  • सही लेखन
  • भाषा शुद्धता

H2: अभ्यास प्रश्न (खंड–3)

H3: (क) सही विकल्प चुनव (10 प्रश्न)

  1. संधि का आय?
    (क) शब्द तोड़ना
    (ख) वर्ण मिलाना
    (ग) वाक्य बनाना
    (घ) अर्थ बदलना
  2. “सब → हब” का उदाहरण आय?
    (क) संधि
    (ख) ध्वनि परिवर्तन
    (ग) वचन
    (घ) लिंग

(इसी प्रकार 10 प्रश्न)


H3: (ख) खाली जगह भरो (10 प्रश्न)

  1. स → ___ परिवर्तन छत्तीसगढ़ी म पाय जाथे।
  2. “हांव” हिंदी के ___ शब्द के छत्तीसगढ़ी रूप आय।

H3: (ग) सही–गलत लिखव (10 प्रश्न)

  1. छत्तीसगढ़ी म संधि अधिक लिखित रूप म होथे।
  2. “घर → घल” ध्वनि परिवर्तन आय।

H3: (घ) मिलान करव (10 प्रश्न)

हिंदी शब्दछत्तीसगढ़ी
मैंहांव
तुमतैं
मेरामोर

H3: (ङ) लघु उत्तर देव (10 प्रश्न)

  1. ध्वनि परिवर्तन काबर होथे?
  2. छत्तीसगढ़ी म “ह” के प्रयोग काबर जियादा हे?

H2: PART–2 (खंड–3) सारांश

ए खंड म हमने संधि, ध्वनि परिवर्तन अउ छत्तीसगढ़ी–हिंदी वर्ण तुलना के पूरा अध्ययन करे हन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 3 : शब्द विचार

शब्द विचार व्याकरण के वो भाग आय, जिहां शब्द के रूप, भेद, बनावट अउ प्रयोग के अध्ययन करे जाथे। भाषा के सही समझ बिना शब्द विचार अधूरा आय।


H2: शब्द काबर कहिथन? (शब्द की परिभाषा)

H3: शब्द की परिभाषा

जऊन वर्ण या वर्ण-समूह के मिलन ले कऊनो अर्थ निकलथे, उही ला शब्द कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • पानी
  • मया
  • लइका
  • खेत

H2: शब्द के भेद

छत्तीसगढ़ी व्याकरण म शब्द ला मुख्य रूप ले आठ भेद म बाँटे जाथे।

H3: शब्द भेद सूची

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया
  5. क्रियाविशेषण
  6. संबंधबोधक
  7. समुच्चयबोधक
  8. विस्मयादिबोधक

H2: संज्ञा विचार

H3: संज्ञा काबर कहिथन?

जऊन शब्द कऊनो व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या अवस्था के नाम बताथे, उही ला संज्ञा कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • व्यक्ति → किसान, गुरुजी
  • वस्तु → किताब, लोटा
  • स्थान → रायपुर, गांव
  • भाव → मया, डर

H2: संज्ञा के भेद

H3: (1) व्यक्तिवाचक संज्ञा

H4: परिभाषा

जऊन संज्ञा कऊनो विशेष व्यक्ति या स्थान के नाम बताथे।

उदाहरण:

  • राम
  • सीता
  • छत्तीसगढ़
  • महानदी

H3: (2) जातिवाचक संज्ञा

H4: परिभाषा

जऊन संज्ञा कऊनो जाति या वर्ग के नाम बताथे।

उदाहरण:

  • लइका
  • आदमी
  • नदी
  • जानवर

H3: (3) भाववाचक संज्ञा

H4: परिभाषा

जऊन संज्ञा भाव, गुण या अवस्था के नाम बताथे।

उदाहरण:

  • मया
  • खुशी
  • दुख
  • बहादुरी

H3: (4) द्रव्यवाचक संज्ञा

H4: परिभाषा

जऊन संज्ञा पदार्थ या द्रव्य के नाम बताथे।

उदाहरण:

  • पानी
  • दूध
  • सोना
  • चाउर

H3: (5) समूहवाचक संज्ञा

H4: परिभाषा

जऊन संज्ञा समूह या झुंड के नाम बताथे।

उदाहरण:

  • भीड़
  • झुंड
  • टोली
  • सेना

H2: संज्ञा के रूपांतरण

H3: संज्ञा अउ लिंग

छत्तीसगढ़ी म संज्ञा पुल्लिंग अउ स्त्रीलिंग होथे।

H4: उदाहरण

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
लइकालइकी
बेटाबेटी
राजारानी

H2: संज्ञा अउ वचन

H3: वचन काबर कहिथन?

संज्ञा के संख्या बताने ला वचन कहिथन।

H4: उदाहरण

एकवचनबहुवचन
लइकालइका मन
किताबकिताब मन
गायगाय मन

H2: छत्तीसगढ़ी म “मन” के प्रयोग

H3: बहुवचन चिन्ह

छत्तीसगढ़ी म बहुवचन खातिर “मन” के प्रयोग होथे।

H4: उदाहरण

  • किसान मन
  • लइका मन
  • गुरुजी मन

H2: संज्ञा का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. लइका स्कूल जावत हे।
  2. मया बिना जीवन सुन्ना आय।
  3. किसान मन खेत म काम करत हें।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–3 | खंड–1)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “मया” कौन संज्ञा आय?
    (क) व्यक्तिवाचक
    (ख) जातिवाचक
    (ग) भाववाचक
    (घ) द्रव्यवाचक
  2. “छत्तीसगढ़” कौन संज्ञा आय?
    (क) जातिवाचक
    (ख) व्यक्तिवाचक
    (ग) भाववाचक
    (घ) समूहवाचक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. बहुवचन बनाय खातिर छत्तीसगढ़ी म ___ शब्द लगाय जाथे।
  2. “दूध” ___ वाचक संज्ञा आय।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “लइका मन” बहुवचन आय।
  2. “खुशी” द्रव्यवाचक संज्ञा आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. संज्ञा काबर कहिथन?
  2. भाववाचक संज्ञा के दू उदाहरण लिखव।

H2: PART–3 (खंड–1) सारांश

ए खंड म हमने शब्द के अर्थ, संज्ञा अउ संज्ञा के भेद, लिंग–वचन अउ प्रयोग के विस्तार ले अध्ययन करे हन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 3 : शब्द विचार (खंड–2 : सर्वनाम)

सर्वनाम शब्द विचार के एक महत्वपूर्ण अंग आय। भाषा म बार–बार संज्ञा के दोहराव ला रोके खातिर सर्वनाम के प्रयोग करे जाथे।


H2: सर्वनाम काबर कहिथन?

H3: सर्वनाम की परिभाषा

जऊन शब्द संज्ञा के जगह प्रयोग होथे, उही ला सर्वनाम कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • राम आय। वो स्कूल जावत हे।
  • सीता आय। वो किताब पढ़त हे।

H2: सर्वनाम के भेद

छत्तीसगढ़ी व्याकरण म सर्वनाम के आठ प्रमुख भेद हें।

H3: सर्वनाम भेद सूची

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. निजवाचक सर्वनाम
  3. निश्चयवाचक सर्वनाम
  4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  5. प्रश्नवाचक सर्वनाम
  6. संबंधवाचक सर्वनाम
  7. संकेतवाचक सर्वनाम
  8. परस्परवाचक सर्वनाम

H2: पुरुषवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम वक्ता, श्रोता या कऊनो अन्य व्यक्ति के संकेत करे, उही ला पुरुषवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद

  1. उत्तम पुरुष
  2. मध्यम पुरुष
  3. अन्य पुरुष

H3: (1) उत्तम पुरुष

H4: उदाहरण

  • हांव
  • हम
  • मोर

वाक्य:

  • हांव काम करत हौं।
  • हम खेत जावत हन।

H3: (2) मध्यम पुरुष

H4: उदाहरण

  • तैं
  • तुमन
  • तोर

वाक्य:

  • तैं का करत हव?
  • तोर किताब कऊन आय?

H3: (3) अन्य पुरुष

H4: उदाहरण

  • वो
  • उंहा
  • ओकर

वाक्य:

  • वो गांव म रहिथे।
  • ओकर घर बड़े आय।

H2: निजवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम स्वयं या अपन आप ला दर्शाथे, उही ला निजवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • आप
  • खुद

वाक्य:

  • हांव खुद करहूं।
  • वो आप जाही।

H2: निश्चयवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम निश्चित व्यक्ति या वस्तु के संकेत करे, उही ला निश्चयवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • ए
  • वो

वाक्य:

  • ए किताब मोर आय।
  • वो लइका होशियार आय।

H2: अनिश्चयवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु के संकेत करे, उही ला अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • कऊनू
  • कुछू
  • कोनो

वाक्य:

  • कऊनू आय रहिस।
  • कुछू बताव।

H2: प्रश्नवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम प्रश्न पूछे खातिर प्रयोग होथे, उही ला प्रश्नवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • कऊन
  • का
  • कइसे

वाक्य:

  • कऊन आय रहिस?
  • का करे जावत हव?

H2: संबंधवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम दू वाक्य या खंड के संबंध जोड़े, उही ला संबंधवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • जऊन
  • जऊन–वो

वाक्य:

  • जऊन मेहनत करथे, वो सफल होथे।

H2: संकेतवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम संकेत देवे, उही ला संकेतवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • ए
  • ओ

वाक्य:

  • ए देखव।
  • ओ रख दे।

H2: परस्परवाचक सर्वनाम

H3: परिभाषा

जऊन सर्वनाम आपस के संबंध बताथे, उही ला परस्परवाचक सर्वनाम कहिथन।

H4: उदाहरण

  • एक–दूसर

वाक्य:

  • लइका मन एक–दूसर ला मदद करत हें।

H2: छत्तीसगढ़ी अउ हिंदी सर्वनाम तुलना

H3: तालिका

हिंदीछत्तीसगढ़ी
मैंहांव
हमहम
तुमतैं
उसकाओकर

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–3 | खंड–2)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “हांव” कौन सर्वनाम आय?
    (क) मध्यम पुरुष
    (ख) उत्तम पुरुष
    (ग) अन्य पुरुष
    (घ) निजवाचक
  2. “कऊनू” कौन सर्वनाम आय?
    (क) निश्चयवाचक
    (ख) प्रश्नवाचक
    (ग) अनिश्चयवाचक
    (घ) संकेतवाचक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. “तैं” ___ पुरुष सर्वनाम आय।
  2. “जऊन–वो” ___ सर्वनाम आय।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “आप” निजवाचक सर्वनाम आय।
  2. “का” संकेतवाचक सर्वनाम आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. सर्वनाम काबर कहिथन?
  2. प्रश्नवाचक सर्वनाम के दू उदाहरण लिखव।

H2: PART–3 (खंड–2) सारांश

ए खंड म सर्वनाम के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी उदाहरण अउ अभ्यास के पूरा अध्ययन करिन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 3 : शब्द विचार (खंड–3 : विशेषण)

विशेषण वो शब्द आय, जऊन संज्ञा या सर्वनाम के विशेषता, संख्या, मात्रा या अवस्था बताथे। बिना विशेषण के भाषा अधूरी लगथे।


H2: विशेषण काबर कहिथन?

H3: विशेषण की परिभाषा

जऊन शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, रूप, संख्या या अवस्था बताथे, उही ला विशेषण कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • नीक लइका
  • बड़ घर
  • तीन किताब
  • ए आदमी

H2: विशेषण के भेद

छत्तीसगढ़ी व्याकरण म विशेषण के पाँच प्रमुख भेद हें।

H3: विशेषण भेद सूची

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिमाणवाचक विशेषण
  4. संकेतवाचक विशेषण
  5. प्रश्नवाचक विशेषण

H2: गुणवाचक विशेषण

H3: परिभाषा

जऊन विशेषण संज्ञा के गुण, दोष, रूप या अवस्था बताथे।

H4: उदाहरण

  • नीक
  • बुरा
  • सुंदर
  • मीठ

वाक्य:

  • वो नीक लइका आय।
  • ए आम मीठ हे।

H2: संख्यावाचक विशेषण

H3: परिभाषा

जऊन विशेषण संज्ञा के संख्या बताथे।

H4: भेद

  1. निश्चित संख्यावाचक
  2. अनिश्चित संख्यावाचक
  3. क्रमवाचक

H3: (1) निश्चित संख्यावाचक

H4: उदाहरण

  • एक
  • दू
  • तीन

वाक्य:

  • तीन लइका आय हें।

H3: (2) अनिश्चित संख्यावाचक

H4: उदाहरण

  • कुछ
  • कई
  • कऊनू

वाक्य:

  • कुछ आदमी आय हें।

H3: (3) क्रमवाचक

H4: उदाहरण

  • पहिला
  • दूसर
  • तीसरा

वाक्य:

  • वो पहिला आय।

H2: परिमाणवाचक विशेषण

H3: परिभाषा

जऊन विशेषण मात्रा या परिमाण बताथे।

H4: उदाहरण

  • जियादा
  • कम
  • पूरा

वाक्य:

  • पानी कम हे।

H2: संकेतवाचक विशेषण

H3: परिभाषा

जऊन विशेषण संकेत देवे।

H4: उदाहरण

  • ए
  • ओ

वाक्य:

  • ए किताब मोर आय।

H2: प्रश्नवाचक विशेषण

H3: परिभाषा

जऊन विशेषण प्रश्न पूछे खातिर प्रयोग होथे।

H4: उदाहरण

  • कऊन
  • कतेक

वाक्य:

  • कतेक किताब हे?

H2: विशेषण अउ संज्ञा के संबंध

H3: विशेषण संज्ञा के पहले आथे

H4: उदाहरण

  • नीक आदमी
  • बड़ घर

H2: विशेषण का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. वो सुंदर लड़की आय।
  2. कुछ लइका खेलत हें।
  3. ए गांव बड़ आय।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–3 | खंड–3)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “नीक” कौन विशेषण आय?
    (क) संख्यावाचक
    (ख) गुणवाचक
    (ग) परिमाणवाचक
    (घ) प्रश्नवाचक
  2. “तीन” कौन विशेषण आय?
    (क) अनिश्चित
    (ख) क्रमवाचक
    (ग) निश्चित संख्यावाचक
    (घ) परिमाणवाचक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. “कम” ___ विशेषण आय।
  2. “कतेक” ___ विशेषण आय।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. विशेषण संज्ञा के बाद आथे।
  2. “ए” संकेतवाचक विशेषण आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. विशेषण काबर कहिथन?
  2. संख्यावाचक विशेषण के भेद लिखव।

H2: PART–3 (खंड–3) सारांश

ए खंड म विशेषण के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी उदाहरण अउ अभ्यास के पूरा अध्ययन करिन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 3 : शब्द विचार (खंड–4 : क्रिया)

क्रिया भाषा के प्राण आय। बिना क्रिया के वाक्य अधूरा रहिथे। छत्तीसगढ़ी भाषा म क्रिया के रूप, काल अउ प्रयोग अपन अलग विशेषता रखथे।


H2: क्रिया काबर कहिथन?

H3: क्रिया की परिभाषा

जऊन शब्द कऊनो काम करना, होना या स्थिति बताथे, उही ला क्रिया कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • करना
  • जाना
  • खाना
  • सोना

वाक्य:

  • हांव काम करत हौं।
  • वो स्कूल जावत हे।

H2: क्रिया के भेद

छत्तीसगढ़ी व्याकरण म क्रिया के मुख्य तीन भेद हें।

H3: क्रिया भेद सूची

  1. सकर्मक क्रिया
  2. अकर्मक क्रिया
  3. सहायक क्रिया

H2: सकर्मक क्रिया

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया के फल कऊनो कर्म (वस्तु) ऊपर पड़थे, उही ला सकर्मक क्रिया कहिथन।

H4: उदाहरण

  • खाना
  • पढ़ना
  • पीटना

वाक्य:

  • हांव किताब पढ़त हौं।
  • वो चाउर खावत हे।

H2: अकर्मक क्रिया

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया के फल कऊनो कर्म ऊपर नई पड़य, उही ला अकर्मक क्रिया कहिथन।

H4: उदाहरण

  • सोना
  • हँसना
  • रोना

वाक्य:

  • लइका सोत हे।
  • वो हँसत हे।

H2: सहायक क्रिया

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया मुख्य क्रिया के सहायता करथे, उही ला सहायक क्रिया कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हे
  • हें
  • रहिस
  • रहिथे

वाक्य:

  • वो काम करत हे।
  • हमन जावत रहिन।

H2: काल काबर कहिथन?

H3: काल की परिभाषा

क्रिया के समय के संकेत ला काल कहिथन।


H2: काल के भेद

H3: काल के प्रकार

  1. वर्तमान काल
  2. भूत काल
  3. भविष्य काल

H2: वर्तमान काल

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया अभी चलत होथे, उही वर्तमान काल आय।

H4: उदाहरण

  • हांव खेत जावत हौं।
  • वो पढ़ाई करत हे।

H2: भूत काल

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया पहिले हो चुकिस, उही भूत काल आय।

H4: उदाहरण

  • वो गांव गिस।
  • हमन काम करिन।

H2: भविष्य काल

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया आगे होही, उही भविष्य काल आय।

H4: उदाहरण

  • हांव काल स्कूल जाहूं।
  • वो परीक्षा देही।

H2: छत्तीसगढ़ी म क्रिया रूप के विशेषता

H3: “हे / हें / रहिस” के प्रयोग

छत्तीसगढ़ी म:

  • है → हे
  • हैं → हें

H4: उदाहरण

  • वो अच्छा हे।
  • लइका मन खेलत हें।

H2: क्रिया के रूपांतरण (पुरुष अनुसार)

H3: उदाहरण तालिका

पुरुषक्रिया (जाना)
हांवजात हौं
तैंजात हव
वोजात हे
हमनजात हन

H2: क्रिया का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. हांव रोज स्कूल जावत हौं।
  2. वो खेत म काम करत हे।
  3. लइका मन खेल रहिन।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–3 | खंड–4)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “खाना” कौन क्रिया आय?
    (क) अकर्मक
    (ख) सकर्मक
    (ग) सहायक
    (घ) भाववाचक
  2. “हे” कौन क्रिया आय?
    (क) मुख्य
    (ख) सकर्मक
    (ग) सहायक
    (घ) अकर्मक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. “हांव पढ़त ___”।
  2. “वो गांव ___” (भूत काल)।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “सोना” सकर्मक क्रिया आय।
  2. “करत हे” वर्तमान काल आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. क्रिया काबर कहिथन?
  2. काल के भेद लिखव।

H2: PART–3 (खंड–4) सारांश

ए खंड म क्रिया, ओकर भेद, काल अउ छत्तीसगढ़ी क्रिया प्रयोग के पूरा अध्ययन करिन।


H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 3 : शब्द विचार (खंड–5 : क्रियाविशेषण)

क्रियाविशेषण वो शब्द आय, जऊन क्रिया के ढंग, समय, स्थान, मात्रा या कारण बताथे। ए बिना वाक्य के अर्थ अधूरा रहिथे।


H2: क्रियाविशेषण काबर कहिथन?

H3: क्रियाविशेषण की परिभाषा

जऊन शब्द क्रिया के विशेषता बताथे, उही ला क्रियाविशेषण कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • धीरे
  • आज
  • इहाँ
  • बहुत

वाक्य:

  • वो धीरे चलत हे।
  • हांव आज जावत हौं।

H2: क्रियाविशेषण के भेद

छत्तीसगढ़ी व्याकरण म क्रियाविशेषण के पाँच प्रमुख भेद हें।

H3: क्रियाविशेषण भेद सूची

  1. कालवाचक क्रियाविशेषण
  2. स्थानवाचक क्रियाविशेषण
  3. रीतिवाचक क्रियाविशेषण
  4. परिमाणवाचक क्रियाविशेषण
  5. कारणवाचक क्रियाविशेषण

H2: कालवाचक क्रियाविशेषण

H3: परिभाषा

जऊन क्रियाविशेषण समय बताथे।

H4: उदाहरण

  • आज
  • काल
  • अभी
  • तब

वाक्य:

  • वो आज आय हे।
  • हांव काल जाही।

H2: स्थानवाचक क्रियाविशेषण

H3: परिभाषा

जऊन क्रियाविशेषण स्थान बताथे।

H4: उदाहरण

  • इहाँ
  • उंहा
  • बाहर
  • भीतर

वाक्य:

  • वो इहाँ रहिथे।
  • लइका बाहर खेलत हें।

H2: रीतिवाचक क्रियाविशेषण

H3: परिभाषा

जऊन क्रियाविशेषण काम के ढंग बताथे।

H4: उदाहरण

  • धीरे
  • जल्दी
  • नीक
  • खराब

वाक्य:

  • वो जल्दी काम करत हे।
  • लइका नीक पढ़त हे।

H2: परिमाणवाचक क्रियाविशेषण

H3: परिभाषा

जऊन क्रियाविशेषण मात्रा या स्तर बताथे।

H4: उदाहरण

  • बहुत
  • जियादा
  • कम
  • थोड़ा

वाक्य:

  • आज पानी बहुत गिरिस।
  • हांव थोड़ा थक गे हौं।

H2: कारणवाचक क्रियाविशेषण

H3: परिभाषा

जऊन क्रियाविशेषण कारण बताथे।

H4: उदाहरण

  • काबर
  • इसलिए
  • तइसने

वाक्य:

  • वो इसलिए नई आय।
  • तइसने काम रुक गे।

H2: क्रियाविशेषण अउ क्रिया के संबंध

H3: क्रियाविशेषण क्रिया के साथ जुड़थे

H4: उदाहरण

  • जल्दी जाव
  • धीरे बोल

H2: क्रियाविशेषण का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. वो अभी घर जाही।
  2. लइका बाहर खेलत हें।
  3. वो काम नीक करिस।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–3 | खंड–5)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “आज” कौन क्रियाविशेषण आय?
    (क) स्थानवाचक
    (ख) कालवाचक
    (ग) रीतिवाचक
    (घ) परिमाणवाचक
  2. “बहुत” कौन क्रियाविशेषण आय?
    (क) कारणवाचक
    (ख) स्थानवाचक
    (ग) परिमाणवाचक
    (घ) कालवाचक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. “वो ___ चलत हे।”
  2. “हांव ___ आय हौं।”

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “इहाँ” स्थानवाचक क्रियाविशेषण आय।
  2. “नीक” कालवाचक क्रियाविशेषण आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. क्रियाविशेषण काबर कहिथन?
  2. क्रियाविशेषण के भेद लिखव।

H2: PART–3 (खंड–5) सारांश

ए खंड म क्रियाविशेषण के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी उदाहरण अउ अभ्यास के पूरा अध्ययन करिन।


👉 अगला खंड:

PART–3 (खंड–6): संबंधबोधक, समुच्चयबोधक अउ विस्मयादिबोधक

  • परिभाषा
  • भेद
  • छत्तीसगढ़ी उदाहरण
  • अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 3 : शब्द विचार (खंड–6)

(संबंधबोधक • समुच्चयबोधक • विस्मयादिबोधक)

ए खंड म हम अइसन शब्द मन के अध्ययन करबो जेन मन वाक्य म संबंध जोड़े, वाक्य मिलावें अउ भाव व्यक्त करथें।


H2: संबंधबोधक शब्द

H3: संबंधबोधक काबर कहिथन?

जऊन शब्द संज्ञा या सर्वनाम के संग संबंध बताथे, उही ला संबंधबोधक शब्द कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • मं
  • ले
  • तक
  • ऊपर
  • नीचे
  • संग

वाक्य:

  • वो घर मं रहिथे।
  • हांव मोर दोस्त संग जावत हौं।

H2: संबंधबोधक के भेद

H3: (1) स्थानबोधक संबंधबोधक

H4: उदाहरण

  • मं
  • ऊपर
  • नीचे
  • भीतर

वाक्य:

  • किताब टेबल ऊपर हे।

H3: (2) कालबोधक संबंधबोधक

H4: उदाहरण

  • पहिले
  • बाद
  • ले
  • तक

वाक्य:

  • सुबह ले शाम तक काम करथन।

H3: (3) कारणबोधक संबंधबोधक

H4: उदाहरण

  • खातिर
  • से
  • काबर

वाक्य:

  • पढ़ाई खातिर स्कूल जाव।

H3: (4) साधनबोधक संबंधबोधक

H4: उदाहरण

  • से
  • द्वारा

वाक्य:

  • वो कलम से लिखिस।

H2: संबंधबोधक का प्रयोग

H3: नियम

संबंधबोधक शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद आथे।

H4: उदाहरण

  • घर मं
  • स्कूल ले

H2: समुच्चयबोधक शब्द

H3: समुच्चयबोधक काबर कहिथन?

जऊन शब्द दू शब्द, वाक्य या खंड ला जोड़थे, उही ला समुच्चयबोधक शब्द कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • अउ
  • अऊ
  • लेकिन
  • पर
  • काबरकि

H2: समुच्चयबोधक के भेद

H3: (1) समानाधिकरण समुच्चयबोधक

H4: उदाहरण

  • अउ
  • अऊ

वाक्य:

  • राम अऊ श्याम आय हें।

H3: (2) विरोधसूचक समुच्चयबोधक

H4: उदाहरण

  • लेकिन
  • पर

वाक्य:

  • वो मेहनत करथे, लेकिन सफल नई होइस।

H3: (3) कारणसूचक समुच्चयबोधक

H4: उदाहरण

  • काबरकि
  • इसलिए

वाक्य:

  • बारिश होइस, इसलिए स्कूल बंद रहिस।

H2: समुच्चयबोधक का प्रयोग

H3: नियम

समुच्चयबोधक शब्द दू वाक्य या शब्द के बीच आथे।


H2: विस्मयादिबोधक शब्द

H3: विस्मयादिबोधक काबर कहिथन?

जऊन शब्द अचानक भावना, आश्चर्य, दुःख, खुशी या डर व्यक्त करे, उही ला विस्मयादिबोधक शब्द कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • अरे!
  • वाह!
  • हाय!
  • ओहो!

वाक्य:

  • वाह! तैं बढ़िया काम करेस।
  • हाय! मोर दुख।

H2: विस्मयादिबोधक का प्रयोग

H3: नियम

विस्मयादिबोधक शब्द अधिकतर वाक्य के शुरुआत म आथे अउ (!) के प्रयोग होथे।


H2: तीनों शब्द भेद म अंतर

H3: तुलनात्मक तालिका

शब्द भेदकाम
संबंधबोधकसंबंध बताना
समुच्चयबोधकजोड़ना
विस्मयादिबोधकभावना व्यक्त करना

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–3 | खंड–6)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “संग” कौन शब्द आय?
    (क) समुच्चयबोधक
    (ख) संबंधबोधक
    (ग) विस्मयादिबोधक
    (घ) विशेषण
  2. “लेकिन” कौन शब्द आय?
    (क) संबंधबोधक
    (ख) क्रिया
    (ग) समुच्चयबोधक
    (घ) सर्वनाम

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. राम ___ श्याम स्कूल गे।
  2. वो घर ___ रहिथे।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. विस्मयादिबोधक शब्द भावना व्यक्त करथे।
  2. संबंधबोधक शब्द संज्ञा के पहिले आथे।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. समुच्चयबोधक काबर कहिथन?
  2. विस्मयादिबोधक के दू उदाहरण लिखव।

H2: PART–3 (खंड–6) सारांश

ए खंड म संबंधबोधक, समुच्चयबोधक अउ विस्मयादिबोधक शब्द के पूरा अध्ययन करे हन।


✅ PART–3 : शब्द विचार पूरा होइस 🎉

👉 अगला बड़ा भाग:

PART–4 : रूप विचार

  • लिंग
  • वचन
  • पुरुष
  • काल
  • वाच्य
  • कारक
  • प्रत्यय–उपसर्ग

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 4 : रूप विचार

रूप विचार व्याकरण के वो भाग आय, जिहां शब्द के रूप म होय वाला परिवर्तन के अध्ययन करे जाथे। लिंग, वचन, पुरुष, काल, कारक आदि रूप विचार के मुख्य अंग हें।


H2: रूप विचार काबर कहिथन?

H3: रूप विचार की परिभाषा

जब शब्द अपन रूप बदल के अलग–अलग अर्थ या प्रयोग दिखाथे, त ओला रूप विचार कहिथन।

H4: उदाहरण

  • लइका → लइकी
  • हांव → हमन
  • जात हे → गे रहिस

H2: लिंग विचार

H3: लिंग काबर कहिथन?

जऊन शब्द ले नर या मादा के बोध होथे, उही ला लिंग कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • लइका – लइकी
  • बेटा – बेटी
  • राजा – रानी

H2: लिंग के भेद

H3: लिंग के प्रकार

  1. पुल्लिंग
  2. स्त्रीलिंग

H2: पुल्लिंग

H3: परिभाषा

जऊन शब्द नर जाति के बोध कराथे, उही ला पुल्लिंग कहिथन।

H4: उदाहरण

  • लइका
  • आदमी
  • किसान
  • भाई

वाक्य:

  • लइका खेलत हे।
  • किसान खेत जावत हे।

H2: स्त्रीलिंग

H3: परिभाषा

जऊन शब्द मादा जाति के बोध कराथे, उही ला स्त्रीलिंग कहिथन।

H4: उदाहरण

  • लइकी
  • औरत
  • गाय
  • बहिनी

वाक्य:

  • लइकी पढ़त हे।
  • गाय चरवत हे।

H2: पुल्लिंग ले स्त्रीलिंग बनाय के नियम


H3: (1) अ → ई परिवर्तन

H4: उदाहरण

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
लइकालइकी
बेटाबेटी
राजारानी

H3: (2) आ → ई परिवर्तन

H4: उदाहरण

  • दादा → दादी
  • नाना → नानी

H3: (3) विशेष शब्द परिवर्तन

H4: उदाहरण

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
भाईबहिनी
मामामामी
चाचाचाची

H3: (4) बिना रूप बदले

H4: उदाहरण

  • शिक्षक – शिक्षिका
  • डॉक्टर – डॉक्टरनी

H2: छत्तीसगढ़ी म लिंग के विशेषता

H3: लोकप्रयोग आधारित रूप

छत्तीसगढ़ी म कई शब्द लोक प्रयोग ले लिंग बदलथें।

H4: उदाहरण

  • सियान → सियानी
  • जवान → जवानी

H2: लिंग बदलते समय सावधानी

H3: सामान्य गलती

  • गलत प्रत्यय जोड़ देना
  • हिंदी नियम सीधा लागू कर देना

H4: सही तरीका

  • लोकप्रचलित रूप अपनाव
  • संदर्भ अनुसार प्रयोग करव

H2: लिंग का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. लइका स्कूल जावत हे।
  2. लइकी घर म पढ़त हे।
  3. बहिनी पानी भरत हे।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–4 | खंड–1 : लिंग)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “लइकी” कौन लिंग आय?
    (क) पुल्लिंग
    (ख) स्त्रीलिंग
    (ग) नपुंसक
    (घ) उभयलिंग
  2. “किसान” कौन लिंग आय?
    (क) स्त्रीलिंग
    (ख) पुल्लिंग
    (ग) उभयलिंग
    (घ) नपुंसक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. लइका → ___
  2. मामा → ___

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “बहिनी” स्त्रीलिंग शब्द आय।
  2. छत्तीसगढ़ी म नपुंसक लिंग होथे।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. लिंग काबर कहिथन?
  2. पुल्लिंग अउ स्त्रीलिंग म अंतर लिखव।

H2: PART–4 (खंड–1) सारांश

ए खंड म हमने लिंग के परिभाषा, भेद, रूपांतरण नियम अउ छत्तीसगढ़ी विशेषता के पूरा अध्ययन करे हन।


👉 अगला खंड:

PART–4 (खंड–2): वचन विचार

  • एकवचन–बहुवचन
  • “मन” के प्रयोग
  • रूपांतरण नियम
  • 30+ अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 4 : रूप विचार (खंड–2 : वचन विचार)

वचन विचार शब्द के संख्या संबंधी रूपांतरण ला बताथे। छत्तीसगढ़ी भाषा म वचन के नियम सरल अउ व्यवहारिक हें।


H2: वचन काबर कहिथन?

H3: वचन की परिभाषा

शब्द ले जब एक या एक ले अधिक के बोध होथे, त ओला वचन कहिथन।

H4: उदाहरण

  • लइका (एक)
  • लइका मन (अनेक)

H2: वचन के भेद

H3: वचन के प्रकार

  1. एकवचन
  2. बहुवचन

H2: एकवचन

H3: परिभाषा

जऊन शब्द एक व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बोध कराथे, उही ला एकवचन कहिथन।

H4: उदाहरण

  • किताब
  • लइका
  • किसान

वाक्य:

  • लइका पढ़त हे।
  • किसान खेत जावत हे।

H2: बहुवचन

H3: परिभाषा

जऊन शब्द एक ले अधिक के बोध कराथे, उही ला बहुवचन कहिथन।

H4: उदाहरण

  • किताब मन
  • लइका मन
  • किसान मन

वाक्य:

  • लइका मन खेलत हें।
  • किसान मन काम करत हें।

H2: छत्तीसगढ़ी म बहुवचन बनाय के नियम


H3: (1) “मन” जोड़ के

H4: सबसे सामान्य तरीका

छत्तीसगढ़ी म बहुवचन बनाय के मुख्य तरीका “मन” जोड़ना आय।

उदाहरण:

एकवचनबहुवचन
लइकालइका मन
किताबकिताब मन
गुरुजीगुरुजी मन

H3: (2) सम्मान सूचक बहुवचन

H4: एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन

कभू–कभू सम्मान खातिर एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन प्रयोग होथे।

उदाहरण:

  • गुरुजी आय हें।
  • बाबूजी कहत हें।

H3: (3) समूहवाचक शब्द

H4: बिना “मन” भी बहुवचन अर्थ

कुछ शब्द अपने आप म बहुवचन अर्थ देथें।

उदाहरण:

  • भीड़
  • टोली
  • झुंड

H2: सर्वनाम म वचन परिवर्तन

H3: उदाहरण तालिका

एकवचनबहुवचन
हांवहमन
तैंतुमन
वोउंहन

H2: क्रिया म वचन का प्रभाव

H3: क्रिया रूप बदल जाथे

छत्तीसगढ़ी म वचन बदलते क्रिया भी बदल जाथे।

H4: उदाहरण

  • लइका पढ़त हे।
  • लइका मन पढ़त हें।

H2: छत्तीसगढ़ी वचन की विशेषता

H3: सरलता अउ स्पष्टता

  • हिंदी के तुलना म नियम सरल
  • “मन” से स्पष्ट बहुवचन

H4: बोलचाल आधारित प्रयोग

लोकभाषा म:

  • “लइका सब”
  • “आदमी मन”

H2: वचन परिवर्तन म सामान्य गलती

H3: गलती के उदाहरण

  • लइका लोग
  • किताबें (हिंदी प्रभाव)

H4: सही प्रयोग

  • लइका मन
  • किताब मन

H2: वचन का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. लइका मन स्कूल जावत हें।
  2. गुरुजी मन पढ़ावत हें।
  3. हमन गांव जावत हन।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–4 | खंड–2 : वचन)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. छत्तीसगढ़ी म बहुवचन बनाय के सबसे सामान्य तरीका का आय?
    (क) –एँ
    (ख) –ओं
    (ग) “मन”
    (घ) –सब
  2. “हमन” कौन वचन आय?
    (क) एकवचन
    (ख) बहुवचन
    (ग) पुल्लिंग
    (घ) स्त्रीलिंग

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. लइका → ___
  2. तैं → ___

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “किताब मन” सही बहुवचन आय।
  2. छत्तीसगढ़ी म क्रिया वचन अनुसार नई बदलय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. वचन काबर कहिथन?
  2. “मन” के प्रयोग समझाव।

H2: PART–4 (खंड–2) सारांश

ए खंड म वचन के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी बहुवचन नियम अउ प्रयोग के पूरा अध्ययन करे हन।


👉 अगला खंड:

PART–4 (खंड–3): पुरुष विचार

  • उत्तम, मध्यम, अन्य पुरुष
  • सर्वनाम + क्रिया रूप
  • अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 4 : रूप विचार (खंड–3 : पुरुष विचार)

पुरुष विचार ले पता चलथे कि वाक्य म काम करे वाला कऊन आय – खुद बोलइया, सामने वाला या कोई दूसर। छत्तीसगढ़ी म पुरुष अनुसार सर्वनाम अउ क्रिया के रूप बदल जाथे।


H2: पुरुष काबर कहिथन?

H3: पुरुष की परिभाषा

वाक्य म जऊन व्यक्ति काम करथे या जऊन के बारे म कुछु कहे जाथे, उही ला पुरुष कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हांव जावत हौं।
  • तैं पढ़त हव।
  • वो खेलत हे।

H2: पुरुष के भेद

H3: पुरुष के प्रकार

  1. उत्तम पुरुष
  2. मध्यम पुरुष
  3. अन्य पुरुष

H2: उत्तम पुरुष

H3: परिभाषा

जऊन पुरुष म वक्ता खुद अपन बारे म कहिथे, उही ला उत्तम पुरुष कहिथन।

H4: सर्वनाम उदाहरण

  • हांव
  • हमन
  • मोर

वाक्य:

  • हांव काम करत हौं।
  • हमन स्कूल जावत हन।

H2: मध्यम पुरुष

H3: परिभाषा

जऊन पुरुष म सामने वाले (श्रोता) ले बात करे जाथे, उही ला मध्यम पुरुष कहिथन।

H4: सर्वनाम उदाहरण

  • तैं
  • तुमन
  • तोर

वाक्य:

  • तैं का करत हव?
  • तुमन गांव जावत हव।

H2: अन्य पुरुष

H3: परिभाषा

जऊन पुरुष म कऊनो तीसरे व्यक्ति के बारे म बात होथे, उही ला अन्य पुरुष कहिथन।

H4: सर्वनाम उदाहरण

  • वो
  • उंहा / उंहन
  • ओकर

वाक्य:

  • वो खेत जावत हे।
  • उंहन काम करत हें।

H2: पुरुष अनुसार क्रिया रूप

H3: “जाना” क्रिया – वर्तमान काल

पुरुषएकवचनबहुवचन
उत्तमहांव जात हौंहमन जात हन
मध्यमतैं जात हवतुमन जात हव
अन्यवो जात हेउंहन जात हें

H2: भूत काल म पुरुष परिवर्तन

H3: उदाहरण

  • हांव गांव गेंव।
  • तैं स्कूल गेस।
  • वो घर गिस।
  • हमन खेत गेन।

H2: भविष्य काल म पुरुष परिवर्तन

H3: उदाहरण

  • हांव काल स्कूल जाहूं।
  • तैं काम करबे।
  • वो परीक्षा देही।

H2: छत्तीसगढ़ी म पुरुष प्रयोग के विशेषता

H3: सम्मान सूचक प्रयोग

एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन पुरुष प्रयोग होथे।

H4: उदाहरण

  • गुरुजी आय हें।
  • ददा कहत हें।

H2: पुरुष प्रयोग म सामान्य गलती

H3: गलत उदाहरण

  • हांव जात हे ❌
  • वो जात हौं ❌

H4: सही उदाहरण

  • हांव जात हौं ✅
  • वो जात हे ✅

H2: पुरुष का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. हांव रोज काम करत हौं।
  2. तैं किताब पढ़त हव।
  3. उंहन खेलत हें।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–4 | खंड–3 : पुरुष)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “तैं” कौन पुरुष आय?
    (क) उत्तम
    (ख) मध्यम
    (ग) अन्य
    (घ) उभय
  2. “उंहन” कौन पुरुष आय?
    (क) उत्तम
    (ख) मध्यम
    (ग) अन्य
    (घ) निज

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. हांव खेत ___।
  2. उंहन स्कूल ___।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. उत्तम पुरुष म वक्ता खुद शामिल होथे।
  2. “वो” मध्यम पुरुष आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. पुरुष काबर कहिथन?
  2. तीनों पुरुष के नाम लिखव।

H2: PART–4 (खंड–3) सारांश

ए खंड म पुरुष के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी सर्वनाम अउ क्रिया रूप के पूरा अध्ययन करे हन।


👉 अगला खंड:

PART–4 (खंड–4): काल विचार

  • वर्तमान, भूत, भविष्य
  • क्रिया रूपांतरण
  • समय सूचक शब्द
  • अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 4 : रूप विचार (खंड–4 : काल विचार)

काल विचार ले पता चलथे कि क्रिया कऊन समय म होइस, होवत हे या होही। छत्तीसगढ़ी भाषा म काल के रूप सरल अउ बोलचाल आधारित हें।


H2: काल काबर कहिथन?

H3: काल की परिभाषा

क्रिया के समय के बोध ला काल कहिथन।

H4: उदाहरण

  • वो काम करत हे (वर्तमान)
  • वो काम करिस (भूत)
  • वो काम करही (भविष्य)

H2: काल के भेद

H3: काल के प्रकार

  1. वर्तमान काल
  2. भूत काल
  3. भविष्य काल

H2: वर्तमान काल

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया अभी होवत हे, उही वर्तमान काल आय।

H4: वर्तमान काल के रूप

छत्तीसगढ़ी म वर्तमान काल म अक्सर “हे / हें / हौं” के प्रयोग होथे।


H3: उदाहरण

  • हांव पढ़त हौं।
  • वो काम करत हे।
  • लइका मन खेलत हें।

H2: वर्तमान काल के भेद (प्रयोग अनुसार)

H3: सामान्य वर्तमान

  • हांव खेत जावत हौं।

H3: वर्तमान निरंतर

  • वो काम करत हे।

H2: भूत काल

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया बीते समय म हो चुकिस, उही भूत काल आय।

H4: भूत काल के चिन्ह

  • गिस
  • करिस
  • रहिस
  • गेन

H3: उदाहरण

  • वो गांव गिस।
  • हमन खेत गेन।
  • काम बंद रहिस।

H2: भूत काल के भेद (प्रयोग अनुसार)

H3: सामान्य भूत

  • वो पढ़ाई करिस।

H3: अपूर्ण भूत

  • वो पढ़त रहिस।

H2: भविष्य काल

H3: परिभाषा

जऊन क्रिया आगे होही, उही भविष्य काल आय।

H4: भविष्य काल के चिन्ह

  • ही
  • होही
  • जाही
  • करही

H3: उदाहरण

  • हांव काल स्कूल जाहूं।
  • वो परीक्षा देही।
  • हमन काम करहीन।

H2: काल अनुसार क्रिया रूप परिवर्तन

H3: “करना” क्रिया – तीनों काल

कालएकवचनबहुवचन
वर्तमानकरत हेकरत हें
भूतकरिसकरिन
भविष्यकरहीकरहीं

H2: छत्तीसगढ़ी म काल प्रयोग के विशेषता

H3: बोलचाल आधारित रूप

छत्तीसगढ़ी म:

  • “है” → हे
  • “हूँ” → हौं

H4: समय सूचक शब्द

  • आज
  • काल
  • अभी
  • तब

H2: काल प्रयोग म सामान्य गलती

H3: गलत उदाहरण

  • वो काम करत रहिस हे ❌
  • हांव जाही हौं ❌

H4: सही उदाहरण

  • वो काम करत रहिस ✅
  • हांव जाहीं / जाहूं ✅

H2: काल का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. हांव रोज काम करत हौं।
  2. वो काल गांव गिस।
  3. हमन आगे मेहनत करहीन।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–4 | खंड–4 : काल)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “करिस” कौन काल आय?
    (क) वर्तमान
    (ख) भूत
    (ग) भविष्य
    (घ) मिश्र
  2. “जाही” कौन काल आय?
    (क) भूत
    (ख) वर्तमान
    (ग) भविष्य
    (घ) निरंतर

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. वो स्कूल ___ (भूत काल)।
  2. हमन काम ___ (भविष्य काल)।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “करत हे” वर्तमान काल आय।
  2. “रहिस” भविष्य काल के चिन्ह आय।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. काल काबर कहिथन?
  2. काल के भेद लिखव।

H2: PART–4 (खंड–4) सारांश

ए खंड म काल के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी क्रिया रूप अउ प्रयोग के पूरा अध्ययन करे हन।


👉 अगला खंड:

PART–4 (खंड–5): वाच्य विचार

  • कर्तृवाच्य
  • कर्मवाच्य
  • भाववाच्य
  • छत्तीसगढ़ी उदाहरण + अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 4 : रूप विचार (खंड–5 : वाच्य विचार)

वाच्य विचार ले पता चलथे कि वाक्य म काम कऊन करथे अउ कऊन ऊपर काम होथे। छत्तीसगढ़ी म वाच्य के रूप सरल अउ स्पष्ट हें।


H2: वाच्य काबर कहिथन?

H3: वाच्य की परिभाषा

वाक्य म क्रिया के आधार म कर्ता, कर्म या भाव के प्रधानता ला वाच्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हांव काम करथौं। (कर्तृवाच्य)
  • काम मोर ले होइस। (कर्मवाच्य)
  • काम होवत हे। (भाववाच्य)

H2: वाच्य के भेद

H3: वाच्य के प्रकार

  1. कर्तृवाच्य
  2. कर्मवाच्य
  3. भाववाच्य

H2: कर्तृवाच्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य म कर्ता प्रधान होथे अउ क्रिया कर्ता अनुसार होथे, उही ला कर्तृवाच्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हांव खेत जावत हौं।
  • किसान फसल काटत हे।

H2: कर्मवाच्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य म कर्म प्रधान होथे अउ कर्ता गौण हो जाथे, उही ला कर्मवाच्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • फसल किसान ले काटे गिस।
  • काम मोर ले करे गे।

H2: भाववाच्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य म कर्ता अउ कर्म दूनो गौण रहिथें अउ क्रिया के भाव प्रधान होथे, उही ला भाववाच्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • काम होवत हे।
  • बारिश होवत रहिस।

H2: वाच्य परिवर्तन

H3: कर्तृवाच्य → कर्मवाच्य

उदाहरण:

  • हांव किताब पढ़त हौं।
    → किताब मोर ले पढ़े जावत हे।

H3: कर्तृवाच्य → भाववाच्य

उदाहरण:

  • वो घर बनाथे।
    → घर बने जावत हे।

H2: छत्तीसगढ़ी म वाच्य प्रयोग के विशेषता

H3: सरल संरचना

छत्तीसगढ़ी म भाववाच्य के प्रयोग अधिक होथे।

H4: लोकभाषा म प्रयोग

  • काम हो गे।
  • खाय जावत हे।

H2: वाच्य प्रयोग म सामान्य गलती

H3: गलत उदाहरण

  • किताब मोर पढ़त हे ❌

H4: सही उदाहरण

  • किताब मोर ले पढ़े जावत हे ✅

H2: वाच्य का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. कर्तृवाच्य – लइका खेलत हे।
  2. कर्मवाच्य – खेल लइका ले खेले गे।
  3. भाववाच्य – खेल होवत हे।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–4 | खंड–5 : वाच्य)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “काम होवत हे” कौन वाच्य आय?
    (क) कर्तृवाच्य
    (ख) कर्मवाच्य
    (ग) भाववाच्य
    (घ) मिश्र
  2. “फसल किसान ले काटे गिस” कौन वाच्य आय?
    (क) कर्तृवाच्य
    (ख) कर्मवाच्य
    (ग) भाववाच्य
    (घ) निश्चय

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. हांव किताब ___ (कर्तृवाच्य)।
  2. किताब मोर ले ___ (कर्मवाच्य)।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. भाववाच्य म कर्ता प्रधान होथे।
  2. छत्तीसगढ़ी म भाववाच्य का प्रयोग अधिक होथे।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. वाच्य काबर कहिथन?
  2. वाच्य के भेद लिखव।

H2: PART–4 (खंड–5) सारांश

ए खंड म वाच्य के परिभाषा, भेद, छत्तीसगढ़ी उदाहरण अउ परिवर्तन के पूरा अध्ययन करे हन।


👉 अगला खंड:

PART–4 (खंड–6): कारक विचार

  • कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, अधिकरण
  • छत्तीसगढ़ी उदाहरण
  • अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 4 : रूप विचार (खंड–6 : कारक विचार)

कारक विचार ले पता चलथे कि वाक्य म संज्ञा या सर्वनाम के क्रिया संग कऊन संबंध हे। छत्तीसगढ़ी म कारक के चिन्ह सरल अउ स्पष्ट हें।


H2: कारक काबर कहिथन?

H3: कारक की परिभाषा

वाक्य म संज्ञा या सर्वनाम के क्रिया संग संबंध ला कारक कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हांव कलम ले लिखत हौं।
  • वो घर मं रहिथे।

H2: कारक के भेद

छत्तीसगढ़ी व्याकरण म कारक के छह मुख्य भेद हें।

H3: कारक भेद सूची

  1. कर्ता कारक
  2. कर्म कारक
  3. करण कारक
  4. संप्रदान कारक
  5. अपादान कारक
  6. अधिकरण कारक

H2: कर्ता कारक

H3: परिभाषा

जऊन संज्ञा या सर्वनाम काम करथे, उही ला कर्ता कारक कहिथन।

H4: कारक चिन्ह

  • ने / (कभी बिना चिन्ह)

उदाहरण:

  • हांव काम करत हौं।
  • किसान खेत जोतत हे।

H2: कर्म कारक

H3: परिभाषा

जऊन संज्ञा या सर्वनाम ऊपर क्रिया के असर पड़थे, उही ला कर्म कारक कहिथन।

H4: कारक चिन्ह

  • ला

उदाहरण:

  • हांव किताब ला पढ़त हौं।
  • वो लइका ला बुलाइस।

H2: करण कारक

H3: परिभाषा

जऊन साधन ले काम होथे, उही ला करण कारक कहिथन।

H4: कारक चिन्ह

  • ले

उदाहरण:

  • वो कलम ले लिखिस।
  • किसान हल ले जोतिस।

H2: संप्रदान कारक

H3: परिभाषा

जऊन के खातिर या जऊन ला कुछु दिया जाथे, उही ला संप्रदान कारक कहिथन।

H4: कारक चिन्ह

  • खातिर
  • ला

उदाहरण:

  • मोर भाई खातिर मिठाई।
  • गुरुजी ला सम्मान मिलिस।

H2: अपादान कारक

H3: परिभाषा

जऊन ले अलग होय के बोध होथे, उही ला अपादान कारक कहिथन।

H4: कारक चिन्ह

  • ले

उदाहरण:

  • वो गांव ले आय।
  • पेड़ ले पत्ता गिरिस।

H2: अधिकरण कारक

H3: परिभाषा

जऊन स्थान या आधार म काम होथे, उही ला अधिकरण कारक कहिथन।

H4: कारक चिन्ह

  • मं
  • ऊपर
  • भीतर

उदाहरण:

  • वो घर मं रहिथे।
  • किताब टेबल ऊपर हे।

H2: कारक चिन्ह तालिका

H3: एक नजर म

कारकचिन्हउदाहरण
कर्ताने / —हांव
कर्मलाकिताब ला
करणलेकलम ले
संप्रदानखातिरभाई खातिर
अपादानलेगांव ले
अधिकरणमंघर मं

H2: छत्तीसगढ़ी म कारक प्रयोग के विशेषता

H3: सरलता

  • एक ही चिन्ह “ले” अलग–अलग कारक म प्रयोग होथे।

H4: संदर्भ से अर्थ

अर्थ वाक्य के संदर्भ ले तय होथे।


H2: कारक प्रयोग म सामान्य गलती

H3: गलत उदाहरण

  • हांव किताब पढ़त हौं ❌ (कर्म चिन्ह नई)

H4: सही उदाहरण

  • हांव किताब ला पढ़त हौं ✅

H2: कारक का प्रयोग वाक्य म

H3: उदाहरण वाक्य

  1. हांव किताब ला कलम ले लिखत हौं।
  2. वो स्कूल मं पढ़त हे।
  3. लइका खेल ले आय।

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–4 | खंड–6 : कारक)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “ला” कौन कारक चिन्ह आय?
    (क) करण
    (ख) कर्म
    (ग) कर्ता
    (घ) अधिकरण
  2. “मं” कौन कारक चिन्ह आय?
    (क) अपादान
    (ख) करण
    (ग) अधिकरण
    (घ) संप्रदान

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. वो गांव ___ आय।
  2. हांव किताब ___ पढ़त हौं।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. “ले” करण अउ अपादान दूनों म प्रयोग होथे।
  2. कर्ता कारक म हमेशा “ने” लगथे।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. कारक काबर कहिथन?
  2. छः कारक के नाम लिखव।

H2: PART–4 (खंड–6) सारांश

ए खंड म कारक के परिभाषा, भेद, चिन्ह अउ छत्तीसगढ़ी उदाहरण के पूरा अध्ययन करे हन।


✅ PART–4 : रूप विचार पूरा होइस 🎉

👉 अगला भाग:

PART–5 : वाक्य विचार

  • वाक्य की परिभाषा
  • वाक्य के भेद
  • सरल, संयुक्त, मिश्र वाक्य
  • वाक्य शुद्धि
  • अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 5 : वाक्य विचार

वाक्य विचार व्याकरण के वो भाग आय जिहां शब्द मन मिलके कइसने अर्थपूर्ण कथन बनाथें, एखर अध्ययन करे जाथे। छत्तीसगढ़ी भाषा म वाक्य संरचना सरल अउ बोलचाल आधारित हे।


H2: वाक्य काबर कहिथन?

H3: वाक्य की परिभाषा

शब्द मन के अइसन समूह जऊन पूरा अर्थ देथे, उही ला वाक्य कहिथन।

H4: छत्तीसगढ़ी उदाहरण

  • हांव स्कूल जावत हौं।
  • लइका मन खेलत हें।

H2: वाक्य के आवश्यक अंग

H3: वाक्य के मुख्य तत्व

  1. कर्ता
  2. क्रिया
  3. कर्म (जरूरी हो त)

H4: उदाहरण

  • हांव (कर्ता) किताब ला (कर्म) पढ़त हौं (क्रिया)।

H2: छत्तीसगढ़ी वाक्य संरचना

H3: सामान्य क्रम (S–O–V)

छत्तीसगढ़ी म वाक्य के क्रम आमतौर पर:

कर्ता + कर्म + क्रिया

H4: उदाहरण

  • हांव खाना खावत हौं।
  • वो किताब ला पढ़त हे।

H2: वाक्य के भेद (रचना अनुसार)

H3: वाक्य के प्रकार

  1. सरल वाक्य
  2. संयुक्त वाक्य
  3. मिश्र वाक्य

H2: सरल वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य म एके गो कर्ता अउ एके गो क्रिया होथे, उही ला सरल वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हांव काम करत हौं।
  • लइका पढ़त हे।

H2: संयुक्त वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य म दू या अधिक सरल वाक्य समुच्चयबोधक शब्द ले जुड़े रहिथें, उही ला संयुक्त वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • राम पढ़त हे अऊ श्याम लिखत हे।
  • बारिश होइस लेकिन स्कूल खुलिस।

H2: मिश्र वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य म एक मुख्य वाक्य अउ एक या अधिक आश्रित वाक्य होथे, उही ला मिश्र वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • जऊन मेहनत करथे, वो सफल होथे।
  • हांव जानत हौं कि वो आय हे।

H2: अर्थ अनुसार वाक्य के भेद

H3: प्रकार

  1. विधानवाचक
  2. प्रश्नवाचक
  3. आज्ञावाचक
  4. विस्मयादिबोधक

H2: विधानवाचक वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य साधारण कथन करे, उही ला विधानवाचक वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • छत्तीसगढ़ सुंदर राज्य आय।
  • वो गांव म रहिथे।

H2: प्रश्नवाचक वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य प्रश्न पूछे, उही ला प्रश्नवाचक वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • तैं का करत हव?
  • वो कऊन आय?

H2: आज्ञावाचक वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य आदेश, निवेदन या सलाह देवे, उही ला आज्ञावाचक वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • इहाँ आ।
  • ध्यान ले सुनव।

H2: विस्मयादिबोधक वाक्य

H3: परिभाषा

जऊन वाक्य आश्चर्य, खुशी, दुख आदि भावना व्यक्त करे, उही ला विस्मयादिबोधक वाक्य कहिथन।

H4: उदाहरण

  • वाह! तैं बढ़िया काम करेस।
  • हाय! पानी खत्म हो गे।

H2: छत्तीसगढ़ी वाक्य के विशेषता

H3: बोलचाल आधारित शैली

  • सरल शब्द
  • कम अलंकार
  • भाव प्रधान

H4: क्रिया अंत म

अधिकतर वाक्य म क्रिया अंत म आथे।


H2: अभ्यास प्रश्न (PART–5 | खंड–1)

H3: (क) सही विकल्प चुनव

  1. “हांव काम करत हौं।” कौन वाक्य आय?
    (क) संयुक्त
    (ख) मिश्र
    (ग) सरल
    (घ) प्रश्नवाचक
  2. “जऊन मेहनत करथे, वो जीतथे।” कौन वाक्य आय?
    (क) सरल
    (ख) संयुक्त
    (ग) मिश्र
    (घ) आज्ञावाचक

H3: (ख) खाली जगह भरो

  1. वाक्य म कम से कम ___ अउ ___ होथे।
  2. छत्तीसगढ़ी म वाक्य के क्रम ___ आय।

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. संयुक्त वाक्य म समुच्चयबोधक शब्द होथे।
  2. प्रश्नवाचक वाक्य म (!) लगथे।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. वाक्य काबर कहिथन?
  2. सरल वाक्य के परिभाषा लिखव।

H2: PART–5 (खंड–1) सारांश

ए खंड म वाक्य के परिभाषा, संरचना, रचना अउ अर्थ अनुसार भेद के पूरा अध्ययन करे हन।


👉 अगला खंड:

PART–5 (खंड–2): वाक्य शुद्धि अउ अशुद्धियाँ

  • सामान्य गलतियाँ
  • सुधार के नियम
  • उदाहरण सहित अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 5 : वाक्य विचार (खंड–2 : वाक्य शुद्धि अउ अशुद्धियाँ)

वाक्य शुद्धि के मतलब आय – वाक्य ला व्याकरण अनुसार सही बनाना। छत्तीसगढ़ी म कई बार हिंदी प्रभाव या बोलचाल के कारण अशुद्धियाँ हो जाथें।


H2: वाक्य शुद्धि काबर जरूरी हे?

H3: महत्व

  • सही अर्थ निकलथे
  • भाषा सुंदर बनथे
  • परीक्षा म अंक बढ़थे
  • लेखन प्रभावी बनथे

H4: उदाहरण

❌ हांव काम करत हे।
✅ हांव काम करत हौं।


H2: वाक्य अशुद्धि काबर होथे?

H3: मुख्य कारण

  1. हिंदी भाषा के प्रभाव
  2. लिंग–वचन–पुरुष के गलती
  3. क्रिया काल के गलत प्रयोग
  4. कारक चिन्ह के गलत प्रयोग
  5. शब्द क्रम के गड़बड़ी

H2: लिंग संबंधी अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध वाक्य

  • लइकी खेलत हे। ❌

H4: शुद्ध वाक्य

  • लइकी खेलत हे। ✅
    (यहाँ क्रिया सही हे – लेकिन नीचे देखव)

❌ लइकी खेलत हें।
✅ लइकी खेलत हे।


H2: वचन संबंधी अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध वाक्य

  • लइका मन खेलत हे। ❌

H4: शुद्ध वाक्य

  • लइका मन खेलत हें। ✅

H2: पुरुष संबंधी अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध वाक्य

  • हांव खेत जावत हे। ❌

H4: शुद्ध वाक्य

  • हांव खेत जावत हौं। ✅

H2: काल संबंधी अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध वाक्य

  • वो काल गांव जावत हे। ❌

H4: शुद्ध वाक्य

  • वो काल गांव गिस। ✅

H2: कारक चिन्ह संबंधी अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध वाक्य

  • हांव किताब पढ़त हौं। ❌

H4: शुद्ध वाक्य

  • हांव किताब ला पढ़त हौं। ✅

H2: शब्द क्रम संबंधी अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध वाक्य

  • करत हौं हांव काम। ❌

H4: शुद्ध वाक्य

  • हांव काम करत हौं। ✅

H2: हिंदी प्रभाव से होने वाली अशुद्धियाँ

H3: अशुद्ध प्रयोग

  • किताबें
  • लड़के
  • हैं

H4: शुद्ध छत्तीसगढ़ी प्रयोग

  • किताब मन
  • लइका मन
  • हें

H2: वाक्य शुद्धि के नियम

H3: मुख्य नियम

  1. कर्ता अनुसार क्रिया बदलव
  2. वचन अनुसार “हे / हें” प्रयोग करव
  3. कर्म हो त “ला” जरूर लगाव
  4. क्रिया अधिकतर अंत म रखव

H2: शुद्ध वाक्य बनाय के तरीका

H3: चार कदम

  1. कर्ता पहिचानव
  2. वचन देखव
  3. काल पहचानव
  4. सही क्रिया लगाव

H2: वाक्य शुद्धि – उदाहरण तालिका

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
हांव काम करत हेहांव काम करत हौं
लइका मन आय हेलइका मन आय हें
वो किताब पढ़त हेवो किताब ला पढ़त हे
हमन गांव जावत हौंहमन गांव जावत हन

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–5 | खंड–2 : वाक्य शुद्धि)

H3: (क) वाक्य शुद्ध करव

  1. हांव स्कूल जावत हे।
  2. लइका मन खेलत हे।
  3. वो किताब पढ़त हे।

H3: (ख) सही–गलत लिखव

  1. “हांव काम करत हौं।” ✔ / ✖
  2. “लइका मन खेलत हे।” ✔ / ✖

H3: (ग) खाली जगह भरो

  1. हमन खेत ___।
  2. वो गांव ___ (भूत काल)।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. वाक्य शुद्धि काबर जरूरी हे?
  2. दू सामान्य वाक्य अशुद्धि लिखव।

H2: PART–5 (खंड–2) सारांश

ए खंड म वाक्य अशुद्धि के कारण, प्रकार अउ शुद्ध वाक्य बनाय के नियम के पूरा अभ्यास करिन।


✅ PART–5 : वाक्य विचार पूरा होइस 🎉

👉 अगला भाग:

PART–6 : विराम चिन्ह अउ अशुद्धियाँ

  • विराम चिन्ह के भेद
  • सही प्रयोग
  • उदाहरण + अभ्यास

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 6 : विराम चिन्ह अउ अशुद्धियाँ

विराम चिन्ह लेखन म साँस जइसने काम करथें। जिहां जऊन चिन्ह जरूरी हे, ओहां ओला लगाय ले वाक्य के अर्थ साफ अउ सुंदर बनथे।


H2: विराम चिन्ह काबर कहिथन?

H3: विराम चिन्ह की परिभाषा

लेखन म जिहां रुकना, ठहरना या भाव स्पष्ट करना जरूरी होथे, उहां जऊन चिन्ह लगाय जाथे, उही ला विराम चिन्ह कहिथन।

H4: उदाहरण

  • हांव स्कूल जावत हौं।
  • वाह! तैं बढ़िया काम करेस।

H2: विराम चिन्ह के प्रकार

छत्तीसगढ़ी (हिंदी आधारित) लेखन म नीचे के विराम चिन्ह प्रमुख हें—

H3: विराम चिन्ह सूची

  1. पूर्ण विराम (।)
  2. अल्प विराम (,)
  3. प्रश्नवाचक चिन्ह (?)
  4. विस्मयादिबोधक चिन्ह (!)
  5. अर्ध विराम (;)
  6. द्विबिंदु (:)
  7. उद्धरण चिन्ह (“ ”)
  8. योजक चिन्ह (-)

H2: पूर्ण विराम (।)

H3: प्रयोग

जब वाक्य पूरा हो जाथे, त अंत म पूर्ण विराम लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • छत्तीसगढ़ भारत के सुंदर राज्य आय।
  • हांव काम करत हौं।

H2: अल्प विराम (,)

H3: प्रयोग

वाक्य म छोटा विराम देय खातिर अल्प विराम लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • राम, श्याम अउ मोहन आय हें।
  • पढ़, लिख अउ आगे बढ़।

H2: प्रश्नवाचक चिन्ह (?)

H3: प्रयोग

प्रश्न पूछे वाला वाक्य के अंत म प्रश्नवाचक चिन्ह लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • तैं का करत हव?
  • वो कऊन आय?

H2: विस्मयादिबोधक चिन्ह (!)

H3: प्रयोग

आश्चर्य, खुशी, दुख या डर बताय वाला वाक्य म विस्मयादिबोधक चिन्ह लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • वाह! बहुत बढ़िया।
  • हाय! मोर दुख।

H2: अर्ध विराम (;)

H3: प्रयोग

जब दू स्वतंत्र वाक्य आपस म जुड़े रहिथें, त अर्ध विराम लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • वो मेहनत करिस; तइसने सफल होइस।

H2: द्विबिंदु (:)

H3: प्रयोग

सूची, उदाहरण या व्याख्या सुरु करे से पहिले द्विबिंदु लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • छत्तीसगढ़ के प्रमुख जिले: रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर।

H2: उद्धरण चिन्ह (“ ”)

H3: प्रयोग

किसी के कथन या संवाद ला अलग दिखाय खातिर उद्धरण चिन्ह लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • गुरुजी कहिन, “मेहनत ले सफलता मिलथे।”

H2: योजक चिन्ह (-)

H3: प्रयोग

दू शब्द जोड़ाय खातिर योजक चिन्ह लगाय जाथे।

H4: उदाहरण

  • राम-श्याम
  • दिन-रात

H2: विराम चिन्ह न लगाय ले होय वाला अशुद्धियाँ

H3: उदाहरण

❌ चल खाव खाना
✅ चल खाव, खाना।

❌ वो आय हे का
✅ वो आय हे का?


H2: सामान्य लेखन अशुद्धियाँ

H3: प्रकार

  1. वर्तनी अशुद्धि
  2. मात्रा दोष
  3. विराम चिन्ह दोष
  4. हिंदी प्रभाव

H2: सामान्य अशुद्ध शब्द अउ शुद्ध रूप

H3: तालिका

अशुद्धशुद्ध
हैहे
हूँहौं
हैंहें
लड़केलइका मन
किताबेंकिताब मन

H2: अशुद्धि सुधार के नियम

H3: उपाय

  1. धीरे-धीरे पढ़व
  2. विराम चिन्ह पर ध्यान देव
  3. छत्तीसगढ़ी शब्दकोश के उपयोग करव
  4. हिंदी शब्द के अंधा नकल नई करव

H2: अभ्यास प्रश्न (PART–6)

H3: (क) सही विराम चिन्ह लगाव

  1. वाह तैं बढ़िया काम करेस
  2. तैं का करत हव

H3: (ख) अशुद्ध वाक्य सुधार करव

  1. हांव काम करत हे
  2. लइका मन खेलत हे

H3: (ग) सही–गलत लिखव

  1. प्रश्नवाचक वाक्य म (?) लगथे।
  2. पूर्ण विराम वाक्य के बीच म लगथे।

H3: (घ) लघु उत्तर देव

  1. विराम चिन्ह काबर जरूरी हें?
  2. विस्मयादिबोधक चिन्ह के प्रयोग लिखव।

H2: PART–6 सारांश

ए भाग म विराम चिन्ह के भेद, सही प्रयोग अउ सामान्य अशुद्धियाँ के पूरा अध्ययन करिन।


✅ PART–6 पूरा होइस 🎉

👉 अगला अंतिम भाग:

PART–7 : अभ्यास खंड (Question Bank + MCQ + उत्तरमाला)

  • 300+ प्रश्न
  • CTET / TET / CG TET लेवल
  • उत्तर सहित

H1: छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण – भाग 7 : अभ्यास खंड

ए अभ्यास खंड म वर्ण विचार ले लेके वाक्य, विराम चिन्ह तक सब अध्याय ले MCQ, रिक्त स्थान, सही–गलत, लघु उत्तर अउ उत्तरमाला शामिल हे।


H2: SECTION–A : MCQ (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

H3: (वर्ण विचार)

  1. ह्रस्व स्वर कौन आय?
    (क) आ (ख) ई (ग) अ (घ) औ
  2. “कलम” शब्द म कौन स्वर आय?
    (क) अ (ख) इ (ग) उ (घ) ए
  3. “प” कौन वर्ग के व्यंजन आय?
    (क) त-वर्ग (ख) प-वर्ग (ग) क-वर्ग (घ) च-वर्ग
  4. “ह” कौन व्यंजन आय?
    (क) कंठ्य (ख) तालव्य (ग) दन्त्य (घ) ओष्ठ्य
  5. “ं” कौन वर्ण आय?
    (क) स्वर (ख) व्यंजन (ग) अयोगवाह (घ) संयुक्त

H3: (शब्द विचार)

  1. “मया” कौन संज्ञा आय?
    (क) जातिवाचक (ख) भाववाचक (ग) द्रव्यवाचक (घ) व्यक्तिवाचक
  2. “हांव” कौन सर्वनाम आय?
    (क) मध्यम पुरुष (ख) अन्य पुरुष (ग) उत्तम पुरुष (घ) निजवाचक
  3. “नीक” कौन शब्द आय?
    (क) संज्ञा (ख) विशेषण (ग) क्रिया (घ) सर्वनाम
  4. “खावत हे” म मुख्य क्रिया कौन आय?
    (क) हे (ख) खावत (ग) हें (घ) रहिस
  5. “आज” कौन क्रियाविशेषण आय?
    (क) स्थानवाचक (ख) रीतिवाचक (ग) कालवाचक (घ) परिमाणवाचक

H3: (रूप विचार)

  1. “लइका → लइकी” कौन परिवर्तन आय?
    (क) वचन (ख) लिंग (ग) पुरुष (घ) काल
  2. “लइका मन” कौन वचन आय?
    (क) एकवचन (ख) बहुवचन (ग) उभय (घ) नपुंसक
  3. “तैं” कौन पुरुष आय?
    (क) उत्तम (ख) मध्यम (ग) अन्य (घ) निज
  4. “गिस” कौन काल आय?
    (क) वर्तमान (ख) भूत (ग) भविष्य (घ) निरंतर
  5. “काम होवत हे” कौन वाच्य आय?
    (क) कर्तृ (ख) कर्म (ग) भाव (घ) मिश्र

H3: (वाक्य विचार)

  1. “हांव काम करत हौं।” कौन वाक्य आय?
    (क) संयुक्त (ख) मिश्र (ग) सरल (घ) प्रश्नवाचक
  2. “जऊन मेहनत करथे, वो जीतथे।” कौन वाक्य आय?
    (क) सरल (ख) संयुक्त (ग) मिश्र (घ) आज्ञावाचक
  3. “तैं का करत हव?” कौन वाक्य आय?
    (क) विधानवाचक (ख) आज्ञावाचक (ग) प्रश्नवाचक (घ) विस्मयादिबोधक

H3: (विराम चिन्ह)

  1. प्रश्नवाचक वाक्य के अंत म कौन चिन्ह लगथे?
    (क) । (ख) , (ग) ? (घ) !
  2. “वाह” के बाद कौन चिन्ह लगथे?
    (क) । (ख) ? (ग) ! (घ) ,

H2: SECTION–B : रिक्त स्थान भरो

  1. छत्तीसगढ़ी म बहुवचन बनाय खातिर “___” शब्द लगाय जाथे।
  2. “है” के छत्तीसगढ़ी रूप “___” आय।
  3. “हांव” ___ पुरुष सर्वनाम आय।
  4. “कल” शब्द ___ क्रियाविशेषण आय।
  5. वाक्य के अंत म ___ विराम चिन्ह लगथे।

H2: SECTION–C : सही–गलत लिखव

  1. “लइका मन खेलत हें।” सही वाक्य आय।
  2. “मया” द्रव्यवाचक संज्ञा आय।
  3. “हांव” मध्यम पुरुष आय।
  4. भाववाच्य म कर्ता प्रधान होथे।
  5. प्रश्नवाचक वाक्य म (?) लगथे।

H2: SECTION–D : वाक्य शुद्ध करव

  1. हांव स्कूल जावत हे।
  2. लइका मन खेलत हे।
  3. वो किताब पढ़त हे।

H2: SECTION–E : लघु उत्तर देव

  1. संज्ञा काबर कहिथन?
  2. वचन काबर कहिथन?
  3. काल के भेद लिखव।
  4. कर्ता कारक काबर कहिथन?
  5. विराम चिन्ह काबर जरूरी हें?

H2: SECTION–F : उत्तरमाला (Answer Key)

MCQ उत्तर

  1. (ग) अ
  2. (क) अ
  3. (ख) प-वर्ग
  4. (क) कंठ्य
  5. (ग) अयोगवाह
  6. (ख) भाववाचक
  7. (ग) उत्तम पुरुष
  8. (ख) विशेषण
  9. (ख) खावत
  10. (ग) कालवाचक
  11. (ख) लिंग
  12. (ख) बहुवचन
  13. (ख) मध्यम
  14. (ख) भूत
  15. (ग) भाव
  16. (ग) सरल
  17. (ग) मिश्र
  18. (ग) प्रश्नवाचक
  19. (ग) ?
  20. (ग) !

रिक्त स्थान

  1. मन
  2. हे
  3. उत्तम
  4. कालवाचक
  5. पूर्ण (।)

सही–गलत

  1. सही
  2. गलत
  3. गलत
  4. गलत
  5. सही

वाक्य शुद्धि

  1. हांव स्कूल जावत हौं।
  2. लइका मन खेलत हें।
  3. वो किताब ला पढ़त हे।

H2: PART–7 सारांश

ए अभ्यास खंड म छत्तीसगढ़ी सम्पूर्ण व्याकरण के सब भाग ले प्रश्न, अभ्यास अउ उत्तरमाला शामिल हे, जऊन परीक्षा अउ अध्यापन खातिर पूरा सहायक आय।


📘 CTET Question Bank (छत्तीसगढ़ी व्याकरण)

🔹 CTET Pattern (Grammar Focus)

  • MCQ आधारित
  • अवधारणा + प्रयोग
  • भाषा शुद्धि
  • व्याकरणिक समझ

SECTION–A : MCQ (CTET Level)

  1. “मया” शब्द कौन संज्ञा आय?
    (क) जातिवाचक
    (ख) भाववाचक ✅
    (ग) द्रव्यवाचक
    (घ) व्यक्तिवाचक
  2. “हांव स्कूल जावत हौं।” वाक्य म क्रिया कौन काल म आय?
    (क) भूत
    (ख) भविष्य
    (ग) वर्तमान ✅
    (घ) अपूर्ण
  3. “लइका मन खेलत हें।” म “मन” का दर्शाथे?
    (क) लिंग
    (ख) काल
    (ग) वचन ✅
    (घ) कारक
  4. “किताब ला पढ़त हौं” म “ला” कौन कारक चिन्ह आय?
    (क) कर्ता
    (ख) करण
    (ग) कर्म ✅
    (घ) अधिकरण
  5. “जऊन मेहनत करथे, वो जीतथे।” कौन वाक्य आय?
    (क) सरल
    (ख) संयुक्त
    (ग) मिश्र ✅
    (घ) आज्ञावाचक

SECTION–B : भाषा शुद्धि (CTET)

  1. अशुद्ध वाक्य पहचानव:
    (क) हांव काम करत हौं
    (ख) लइका मन खेलत हें
    (ग) हांव स्कूल जावत हे ❌
    (घ) वो किताब ला पढ़त हे
  2. सही वाक्य चुनव:
    (क) हमन गांव जावत हौं
    (ख) हमन गांव जावत हन ✅
    (ग) हमन गांव जावत हे
    (घ) हमन गांव जावत हें

SECTION–C : Short Concept MCQ

  1. क्रियाविशेषण कौन शब्द आय?
    (क) मया
    (ख) नीक
    (ग) आज ✅
    (घ) किताब
  2. “वाह!” म कौन विराम चिन्ह आय?
    (क) ।
    (ख) ?
    (ग) ! ✅
    (घ) ,

📗 CG TET Question Bank (छत्तीसगढ़ी व्याकरण)

(छत्तीसगढ़ राज्य विशेष | गहराई + लोकभाषा)

🔹 CG TET Pattern

  • छत्तीसगढ़ी भाषा ज्ञान
  • लोकप्रयोग
  • व्याकरण + व्यवहार
  • अधिक कठिन स्तर

SECTION–A : MCQ (CG TET Level)

  1. “हांव” कौन पुरुष सर्वनाम आय?
    (क) मध्यम
    (ख) अन्य
    (ग) उत्तम ✅
    (घ) निज
  2. “लइका → लइकी” का परिवर्तन आय?
    (क) वचन
    (ख) काल
    (ग) लिंग ✅
    (घ) कारक
  3. “काम होवत हे।” कौन वाच्य आय?
    (क) कर्तृ
    (ख) कर्म
    (ग) भाव ✅
    (घ) मिश्र
  4. “कलम ले लिखिस।” म “ले” कौन कारक आय?
    (क) अपादान
    (ख) करण ✅
    (ग) कर्म
    (घ) अधिकरण
  5. छत्तीसगढ़ी म बहुवचन बनाय के सही तरीका कौन आय?
    (क) –एँ
    (ख) –ओं
    (ग) मन ✅
    (घ) सब

SECTION–B : लोकभाषा आधारित प्रश्न (CG TET)

  1. “हांव काल गांव गेंव।” म “गेंव” कौन काल आय?
    (क) वर्तमान
    (ख) भविष्य
    (ग) भूत ✅
    (घ) निरंतर
  2. “सियान → सियानी” म कौन नियम लागू होथे?
    (क) हिंदी लिंग नियम
    (ख) संस्कृत नियम
    (ग) लोकप्रयोग आधारित लिंग परिवर्तन ✅
    (घ) अपवाद

SECTION–C : वाक्य विश्लेषण

  1. “लइका मन स्कूल जावत हें।”
    इस वाक्य म कर्ता कौन आय?
    (क) स्कूल
    (ख) जावत
    (ग) लइका मन ✅
    (घ) हें

SECTION–D : विराम चिन्ह

  1. सही विराम चिन्ह लगाव:
    “वाह तैं बढ़िया काम करेस”
    (क) ।
    (ख) ?
    (ग) ! ✅
    (घ) ,

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